आजमगढ़। गैंगस्टर के 33 साल पुराने मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद न्यायाधीश जैनेंद्र कुमार पांडे ने एक आरोपी को पांच वर्ष के कठोर कारावास व नौ हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन कथन के अनुसार 21 मार्च 1989 को दीदारगंज चौकी प्रभारी शशिकांत यादव को जरिए मुखबिर सूचना मिली थी कि उनके क्षेत्र में अपराधी राम मिलन यादव अपने साथियों के साथ दीदारगंज अंबारी रोड पर नहर पुलिया के पास डकैती डालने की योजना बना रहा है। इस सूचना पर सब इंस्पेक्टर शशिकांत यादव ने अपने सहयोगियों के साथ घेराबंदी किया। पुलिस के ललकारने पर आरोपी राम मिलन यादव व उसके साथियों ने पुलिस पर फायरिंग किया। इस मुठभेड़ में राममिलन यादव पुत्र जयराम निवासी अनजान शहीद थाना फूलपुर को तमंचा के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने गैंगस्टर चार्ट में डकैती तथा हत्या के प्रयास समेत नौ गंभीर मुकदमों में राम मिलन के शामिल होने का उल्लेख किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता संजय द्विवेदी व विनय कुमार मिश्रा ने वादी सब इंस्पेक्टर शशिकांत यादव समेत कुल चार गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी राम मिलन यादव को पांच वर्ष के कठोर कारावास तथा नौ हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।