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मनरेगा में खेल, मजदूर के बजाय मशीन से कराए जा रहे कार्य

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रानी की सराय। ब्लॉकों में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी सरकार की संचालित जनकल्याणकारी योजना मनरेगा में खेल कर रहे हैं। इसी के माध्यम से वे गरीब मजदूरों के हिस्से का धन की बंदरबांट में जुटे हैं। इसका उदाहरण रानी की सराय ब्लाक के सुरही गांव में सामने आया है। यहां मनरेगा का कार्य श्रमिकों के बजाय जेसीबी मशीन से हो रहा है। जिम्मेदार मजदूरी का धन अपने चहेतों के खाते में भेज उसे निकलवाने की तैयारी कर रहे हैं। रानी की सराय क्षेत्र के सुरही गांव में 200 मीटर चकरोड का निर्माण कराया जा रहा है। शासन की मंशा है कि श्रमिकों को बाहर न जाकर उन्हें गांव में ही मनरेगा के तहत रोजगार मिले, लेकिन इस मंशा पर ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी पानी फेर रहे हैं। सड़क पर मिट्टी पटाई का कार्य जॉब-कार्डधारकों से न कराकर जेसीबी से कराया जा रहा है। ऐसे में श्रमिक रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। इनमें कुछ जॉब-कार्डधारक तो मजदूरी के लिए पंचायत से पलायन तक कर चुके हैं। मनरेगा मजदूरों का कहना है कि ग्राम प्रधान मजदूरों को कार्य न देकर मशीन से कार्य करवा कर राशि की निकासी फर्जी तरीके से करवा लेता है। इतना ही नहीं वह उन्हीं श्रमिकों को काम पर दिखाते हैं जो उनके चहेते होते हैं। ताकि उन्हें कुछ पैसों का लालच देकर उनसे पूरा पैसा हड़प लें। इसे लेकर श्रमिकों में काफी रोष है। इस मामले में सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने कहा कि हमारे पास वीडियो आया है, जिसमें जेसीबी से मिट्टी पटाई का कार्य चल रहा है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी क्योंकि शासन के मंशा के विपरित उक्त कार्य हैं। हमारा पूरा प्रयास है कि मनरेगा के तहत हम अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करा सकें।
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