आजमगढ़। छठ पूजा को लेकर दीपावली के बाद से ही तैयारियां शुरू हो गईं हैं। बाजारों में भी पूजा में प्रयुक्त होने वाले फलों की आवक शुरू हो गई है। घरों में पर्व को लेकर गेहूं धोने व सुखाने का कार्य शुरू हो गया है और खरीदारी भी तेज हो गई है। 17 नवंबर को नहाय खाय से शुरू होकर 20 नवंबर को समाप्त होने वाले छठ महापर्व को देखते हुए छठी मईया के गीत भी बजने लगे हैं। छठ पूजा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पक्ष इसकी सादगी, पवित्रता, भक्ति एवं आध्यात्म है। इसकी उपासना पद्धति सरल है। पंडित सत्यम गुरु ने बताया कि छठ पर्व की शुरुआत महाभारत काल से मानी जाती है।