आजमगढ़। दलित के साथ मारपीट के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दो अभियुक्तों को चार-चार वर्ष के कारावास व एक- एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि इसी मुकदमे के क्रॉस केस में मारपीट व धमकी देने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद दो अभियुक्तों को चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट जैनेंद्र कुमार पांडेय ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन कहानी के अनुसार वादी महेश राम निवासी डीहा थाना जहानगंज का भतीजा अनिल कुमार 12 जनवरी 2000 की सुबह आठ बजे शौच कर घर लौट रहा था कि गांव के पप्पू यादव, छब्बू यादव, सर्वजीत यादव ने अनिल को जातिसूचक गाली देते हुए मारा पीटा और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस से जांच पूरी करने के बाद तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान मुकदमा आरोपी छब्बू यादव की मृत्यु हो गई। दोनों पक्षों के दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी पप्पू यादव, सर्वजीत यादव को चार-चार वर्ष के कारावास और एक- एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि इसी मुकदमे के क्रॉस केस में विरिज यादव निवासी डीहा ने गांव के ही अनिल, महेश के विरुद्ध मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त अनिल और महेश को चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता इंद्रेश मणि त्रिपाठी, रामनाथ प्रजापति ने पैरवी की।