शहर के गिरजाघर चौराहे पर लगे यूनिपोल। संवाद
आजमगढ़। नगर क्षेत्र में इन दिनों बिना मानक जगह-जगह सड़कों के किनारे यूनिपोल लगाए गए हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि पीडब्ल्यूडी ने मात्र चार लोगों को यूनिपोल लगाने की अनुमति दी है लेकिन नगरपालिका ने 111 लोगों से शुल्क जमा कराकर यूनिपोल लगाने की अनुमति दे दी है। यूनिपाेल लगाने के लिए पीडब्ल्यूडी से अनुमति लेकर नगरपालिका में एक साल का शुल्क जमाना होता है। कहने को तो नगरपालिका प्रशासन अवैध होर्डिंग और यूनिपोल के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करता है। मगर, हकीकत में जिला मुख्यालय की सड़कों पर अवैध होर्डिंग की भरमार है। इससे शहर की सुंदरता को दाग लग रहा है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिरकार अवैध होर्डिंग की निगरानी कौन करेगा। नगरपालिका क्षेत्र के मुख्य मार्ग पीडब्ल्यूडी के अधीन आते हैं। लखनऊ में हुए हादसे के बाद शासन के निर्देश पर शहर से यूनिपोल हटाए गए थे। अवैध यूनिपोल पर रोक लगाने के लिए तत्कालीन डीएम विशाल भारद्वाज ने नगरपालिका क्षेत्र में यूनिपोल लगाने से पहले पीडब्ल्यूडी से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया। उनके जाने के बाद फिर से अवैध यूनिपोल लगने लगे।