सराय रानी रेलवे स्टेशन पर हादसे के बाद जुटी भीड़। संवाद
पति विपिन यादव के मुताबिक, करीब चार माह पहले भी खुशबू ने रानी की सराय रेलवे स्टेशन पर जान देने का प्रयास किया था। उस समय वह मौके पर पहुंच गया था और पत्नी को समझाकर अपने साथ घर ले गया था। बुधवार को हुई घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से मृतकों की पहचान कराई। विपिन यादव ने पुलिस को बताया कि वह लुधियाना में रहता था और कुछ दिन पहले ही घर आया था। बेटे वैदिक की आंखों का ऑपरेशन कराने के लिए वह 23 अक्तूबर को पत्नी खुशबू और दोनों बच्चों के साथ वाराणसी गया था। ऑपरेशन कराने के बाद 25 अक्तूबर को वह पत्नी और बच्चों को लेकर तहबरपुर थाना क्षेत्र के मदारपुर स्थित अपने घर पहुंचा। 27 अक्तूबर की दोपहर में पत्नी को उसके मायके, गंभीरपुर थाना क्षेत्र के भौतर गांव, छोड़ दिया और वहां से चला गया। विपिन ने बताया कि बुधवार शाम करीब पांच बजे पुलिस ने उसे पत्नी और बच्चों की पहचान कराने के लिए सीसीटीवी फुटेज भेजा। वीडियो देखकर उसने तीनों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने उसे थाने बुलाया। खुशबू भौतर गांव में पंचायत सहायक के पद पर तैनात थी। बुधवार दोपहर करीब एक बजे वह अपने दोनों बच्चों के साथ सराय रानी रेलवे स्टेशन पहुंची थी।