आजमगढ़। गन्ने का नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले एक नया फर्जीवाड़े का खेल सामने आया है। विभाग की जांच में 144 ऐसे गन्ना किसान मिले हैं जिनके पास एक इंच जमीन नहीं है। इसके बाद भी उन्होंने धोखाधड़ी कर पेराई सत्र् वर्ष 2019-20 में गन्ना चीनी मिल सठियांव को सप्लाई किया है। पकड़े जाने पर चीनी मिल ने उनसे भूमि के कागजात मांगे लेकिन वह नहीं दिखा सके। ऐसे में चीनी मिल ने गन्ना भुगतान को रोक लिया और धनराशि संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी के कोष में भेज दिया। यदि किसान कोर्ट में भूमि के कागजात प्रस्तुत कर देगा तो ही उसका भुगतान किया जा सकेगा। अन्यथा वह सरकारी कोष में जमा हो जाएगा। जिले में कुल 17664 गन्ना किसान है। यह किसान गन्ने की खेती करते है। किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए समिति गठित होती है। गन्ना माफिया समिति को भी भ्रमित कर गन्ना किसान बनकर चीनी मिल को गन्ना सप्लाई की। जबकि उनके पास एक इंच भी भूमि नहीं है। जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बताया कि जिले में कुल 144 गन्ना किसान ऐसे हैं जिन्होंने चीनी मिल को गन्ना सप्लाई की थी। जब जांच हुई तो सत्यता सामने आ गई। चीनी मिल सठियांव ने उक्त कथित गन्ना किसानों का भुगतान संबंधित तहसील के एसडीएम के खाते में करीब कुल 40 लाख रुपये जमा किए है। अब उक्त किसानों को एसडीएम के यहां अपने अभिलेख देने होंगे इसके बाद ही उन्हें भुगतान किया जाएगा। यदि वह अभिलेख नहीं दे पाते हैं तो वह धनराशि सरकारी कोष में जमा हो जाएगा। इसके साथ ही संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।