लाटघाट। डीएम विशाल भारद्वाज ने शुक्रवार को महुला गढ़वल बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों से कहा कि जनता तक हर हाल में अनाज पहुंचना चाहिए। अगर कहीं से भी आनाज न मिलने की शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान डीएम ने महुला गढ़वल बांध पर शुक्रवार को दाम महुला और गांगेपुर का निरीक्षण किया। तो बदरहुंआ पर गेज और रेगुलेटर का निरीक्षण के बाद गांगेपुर में बने लिंक बांध को बचाने में कार्य का निरीक्षण किया। निर्माण से बचाव कार्य और रिंग बांध से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी ली। लोगों ने बताया कि रिंग बांध टूटने से 6000 की आबादी प्रभावित होगी। एसडीएम सगड़ी राजीव रतन सिंह ने जिलाधिकारी को बताया कि इससे निबटने के लिए तहसील प्रशासन पूरी तैयारी कर ली है। जिसमें सभी बाढ़ चौकी पर कर्मचारी, विस्थापितों के लिए रैन बसेरा,नाव, शौचालय, राशन आदि की व्यवस्था कर ली गई है। गांव से बंधे तक लाने की व्यवस्था भी कर ली गई है। अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार ने बताया कि गांगेपुर में बनी परियोजना पर लगभग 12 करोड़ रुपए खर्च किए। इससे कटान होना संभव नहीं है। बांध सुरक्षित है। जिलाधिकारी विकास भारद्वाज ने कहा कि बाढ़ क्षेत्र में राहत कैंप क्रियाशील, बंधा सुरक्षित, शौचालय, नाव आदि की व्यवस्था है। किसी भी दशा में बंधे को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। खाद्यान्न जनता तक पहुंचे अगर इसकी शिकायत मिलती है तो सबंधित अधिकारी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर एसडीएम राजीव रतन सिंह, क्षेत्राधिकारी सगड़ी अनिल कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता आदि उपस्थित रहे।
घाघरा के जलस्तर में कमी का क्रम जारी
लाटघाट। घाघरा नदी 24 घंटे में बदरहुंआ पर 33 सेमी घटी तो डिघिया पर भी 23 सेमी घटोत्तरी दर्ज किया गया।बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदू 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। बृहस्पतिवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.15 मीटर दर्ज किया गया था। जो शुक्रवार को 33 सेमी घटकर 70.82 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर बृहस्पतिवार को जलस्तर 70.44 मीटर था जो शुक्रवार को 23 सेमी घटकर 70.21 मीटर हो गया।