आजमगढ़। लोकसभा उप चुनाव के लिए स्कूली वाहनों के अधिग्रहण की तैयारी चल रही है, जबकि ज्यादातर स्कूली वाहन कोरोना संकट के कारण बिना फिटनेस और बीमा के स्कूलों में खड़े हैं। इसे लेकर अभियान भी चलाया जा रहा है। बावजूद स्कूल वाहनों का फिटनेस कराने में प्रबंधक दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। ऐसे में बसों का अधिग्रहण करना विभाग के लिए मुश्किल है। लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे परिवहन विभाग के लिए चुनाव संपन्न कराने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। इस जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारी पूरी सख्ती के साथ वाहनों का इंतजाम करने में जुट गए हैं। ऐसे में पोलिंग पार्टियों के लिए करीब 500 से 600 गाड़ियों की जरूरत पड़ने का अनुमान है। ऐसे में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत गाड़ी देने से मना करने पर एफआईआर तक दर्ज की जाएगी। साथ ही वाहनों का फिटनेस कराया जाना अनिवार्य किया गया है। एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि हर हाल में वाहन स्वामी अपने वाहनों का फिटनेस करा लें। यदि वह फिटनेस नहीं कराते हैं और वाहन भेजने से मना करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए वह वाहन का फिटनेस और बीमा हर हाल में करा लें।