सिधारी हाइडिल कालोनी स्थित वर्कशाप के स्क्रैप सेंटर में मंगलवार को सुबह शार्ट सर्किट से आग लग गई। पहले तो कर्मचारियों ने आग पर काबू पाना चाहा, लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। इसके बाद फायर बिग्रेड को इसकी सूचना दी गई। फायर बिग्रेड के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के छह घंटे बार आग पर काबू पाया।
सिधारी स्थित हाइडिल कालोनी में बिजली विभाग के अधिकारियों के कार्यालय के साथ ही दो वर्कशाप भी बने हैं। यहां पर छोटे- बड़े सभी ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की जाती है। मंगलवार की सुबह लगभग साढ़े सात बजे उत्तरी दिशा में स्थित वर्कशाप के स्क्रैप सेंटर में एचटी लाइन से शार्ट सर्किट से आग लग गई।
इससे उसमें से धुंआ उठने लगा। स्क्रैप में ट्रांसफार्मर के तेल का अंश होने के कारण आग बढ़ती ही जा रही थी। इसके बाद वर्कशाप के कर्मचारियों ने इसकी सूचना फायर बिग्रेड को दी। साढ़े आठ बजे दमकल की गाड़ी वहां पहुंच गई, लेकिन कुछ ही समय के बाद उसका भी पानी खत्म हो गया।
इसके बाद एक-एक कर दमकल की पांच गाड़ियां वहां पहुंची। अंदर तक गाड़ी जाने की जगह न होने पर कुछ कर्मचारी स्क्रैप सेंटर के मेन गेट से कुछ पीछे से दीवाल तोड़कर आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे। स्क्रैप को हटाने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी।
काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने करीब दो बजे आग पर काबू पाया। आग से नुकसान के वर्कशाप के अधिशासी अभियंता रवि अग्रवाल से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं एसडीओ अवधेश कुमार ने बताया कि स्क्रैप में आग लगी थी। इसलिए कोई नुकसान नहीं हुआ।
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इसके पूर्व भी लग स्क्रैप में लग चुकी है आग
इसके पूर्व भी वर्कशाप के स्क्रैप में आग लग चुकी है। उस दौरान भी दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया था। फायर के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी बनारसी दास ने बताया कि कुछ माह पूर्व जब आग लगी थी तो ऊपर गए हाईटेंशन तार हटाने और स्क्रैप को खुले में रखने का निर्देश दिया गया था। आज भी जस की तस व्यवस्था में स्क्रैप सेंटर था। जिससे एक बार फिर शार्ट-सर्किट से आग लग गई थी।