मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने काफी सुलह समझौते का प्रयास किया पर किन्नरों ने नहीं माना। थाने में थानाध्यक्ष के न मिलने पर दीवान से आपबीती बताई। वहीं परिजनों का कहना है कि किन्नरों ने नेग के नाम पर आतंक मचाया।
हम लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। बधाई के नाम पर हम लोगों का शोषण किया जा रहा था। इन लोगों ने नंगा होकर तमाशा करना शुरू कर दिया। खबर लिखे जाने तक दोनों पक्ष थाने पर जमे हुए हैं।