दो हजार रुपये के नोटों को बदलने के लिए मंंगलवार को कम लोग ही बैंक शाखाओं पर पहुंचे। नोट बदलने के लिए किसी भी बैंक शाखा में कतार देखने को नहीं मिली। काउंटरों पर कोई खास भीड़ नहीं थी। शहरी क्षेत्र के बैंकों में नोट बदलने को लेकर कोई आपाधापी देखने को नहीं मिली। बैंक के एक कर्मचारी ने कहा कि आम जन मानस के पास दो हजार के नोट नहीं हैं। अगर इक्का दुक्का नोट किसी के पास हैं तो वह बदलने के लिए पहुंच रहा है। बैंक में अलग से कोई काउंटर नहीं बनाया गया है। अगर यह दो हजार के नोट आम जनमानस के पास होते तो इसके लिए अलग से काउंटर की जरूरत पड़ सकती थी। एसबीआई बेलकुंडा के शाखा प्रबंधक मिथिलेश कुमार ने कहा कि किसी भी उपभोक्ता के पास 2000 की जितनी भी नोट हो वह उसे जमा कर सकता है। कोई भी प्रमाण पत्र की जरुरत नहीं है। एक उपभोक्ता एक बार में 2000 रुपये के 10 नोट बदल सकता है। एक दिन में ही दो बार लाइन लगाकर दो बार इन्हें बदल सकते हैं। एसबीआई में कोई दिक्कत नहीं है। उधर्र लाटघाट उप डाकघर पर मंगलवार को दर्जनों गांव के लोग 2000 के नोट लेकर जमा करने और चेंज करने के लिए पहुंचे। लेकिन डाकघर ने यह कह कर उन्हें वापस कर दिया कि वह इन्हें न चेंज करेंगे और न ही जमा करेंगे। क्षेत्र के मुहम्मदपुर, तरौका, कांखभार, बनकटिया, सोहराभार, महुला, सहनूपुर, मिश्रपुर, घाघरा, बरडीहा आदि गांवों के लोग दो हजार के नोट लेेकर इन्हें जमा करने के लिए भटकते रहे। उप डाकघर प्रभारी पवन कुमार ने कहा कि नोट न तो जमा किया जाएगा और न ही बदला जाएगा। इसके लिए अभी ऊपर से आदेश नहीं आया है। एलडीएम -पवन मिश्रा ने बताया कि नोट बदलने के पहले दिन किसी भी बैंक पर कोई भीड़ देखने को नहीं मिली। आम दिनों की तरह ही कामकाज हुआ। कारण आमजन मानस के पास इन नोटों का न होना है। कहीं अलग से काउंटर नहीं बनाए गए थे, आगे अगर भीड़ बढ़ी तो काउंटर लगा दिया जाएगा।