आजमगढ़। आम की खेती कर रहे किसानों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए भारत सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी किया गया है। किसानों को आम की खेती करने के दौरान कोविड-19 के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिला उद्यान्न विभाग को किसानों की निगरानी के लिए कहा गया है। यदि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो विभाग इसका निवारण करेगा। कोरोना कर्फ्यू में किसानों को आने जाने में समस्या न हो इसके लिए उनका पास बनाया जाएगा। प्रभारी जिला उद्यान्न अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि किसान आम की तोड़ाई करते समय अपनी सुरक्षा इस महामारी में कैसे करें, इसके बारे में भी किसानों को बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों को इस संकट से बचाने के लिए पहल शुरू कर दी गई है। अगर किसानों में कोरोना महामारी फैलने लगी तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी। इसलिए फसल तोड़ाई में यथासंभव मशीन चालित यंत्रों का उपयोग करने की हिदायत दी गई है। अगर किसान हस्त चालित कृषि उपकरणों के उपयोग में पूरे दिन काम करता है तो दिन में कम से कम तीन बार साबुन के पानी से धोकर उपकरणों को कीटाणु रहित जरूर करें। इसके साथ आम की फसल तोड़ाई में किसानों को शारीरिक दूरी पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है। खेतों में फसल कटाई एवं खाना खाने के समय दो व्यक्तियों के बीच की कम से कम पांच मीटर की दूरी रखना चाहिए। खाने-पीने का बर्तन बिल्कुल अलग-अलग रखें, उन्हें साबुन के पानी से अच्छी तरह धोकर ही उपयोग में लाएं। कार्य के समय खेतो में पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी और साबुन की व्यवस्था रखें। फसल की कटाई के समय एक व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाया जाने वाला उपकरण दूसरा व्यक्ति प्रयोग नहीं करे। कृषि कार्य से जुड़े व्यक्ति अपना अलग-अलग कृषि उपकरण रखें। गाइडलाइन में कहा गया है कि किसान फसल कटाई के समय अपनी अलग -अलग पानी की बोतल रखें। थोड़े-थोड़े अंतराल में पानी का सेवन करें।