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सूखाग्रस्त प्रदेश घोषित करने को किसानों बुलंद की आवाज

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कलेक्ट्रेट पर अपनी मागों को लेकर प्रदर्शन करते किसान सभा के कार्यकर्ता।संवाद - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश को सूखाग्रस्त प्रदेश घोषित किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। बृहस्पतिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कलेक्ट्रेट में किसानों ने प्रदर्शन किया। साथ ही राज्यपाल को संबोधित चार सूत्रीय पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संपूर्ण प्रदेश इस समय गंभीर सूखा के प्रभाव में है। इसके चलते किसान परेशान हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार को संपूर्ण प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित करना चाहिए। साथ ही किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश पारित करना चाहिए। मांग किया कि विद्युत संशोधन बिल को विधानसभा में निरस्त करने का प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को तत्काल भेजा जाएगा। साथ ही किसानों के निजी नलकूपों पर लगाए जा रहे बिजली मीटरों को हटाया जाए। घुमंतू पशुओं की समस्याओं का समाधान कराया जाए और ऐसे पशुओं द्वारा किए जा रहे नुकसान की भरपाई कराई जाए। इसके अलावा प्रदर्शनकारी किसानों ने सठियांव सहित सभी चीनी मिलों पर गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान तत्काल कराने की मांग किया है। इस दौरान इम्तेयाज वेग, रामचंद्र यादव, खरपतवारू राम, राम लखन राजभर, राजनेत, त्रिलोकी नाथ, बशीर अहमद, गुलाब मौर्य आदि मौजूद रहे।
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