क्षेत्र के अंडिका गांव में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन कर नारेबाजी किया।
किसानों ने कहा कि वह न तो अपनी एक इंच जमीन देंगे और नहीं अपने गांव को उजड़ने देंगे। यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव ने कहा कि एक माह पूर्व गांव में सर्वे के लिए कुछ राजस्व कर्मी आए थे। किसानों नेएसडीएम फूलपुर से जब पूछा तो उन्होंने उनकी बातों को सिरे से नकार दिया। कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वही दो दिन पूर्व किसानों को पता चला कि कुछ गांवों की जमीनों का औद्योगिक क्षेत्र के लिए अधिग्रहण किया जाना है। इसके बाद से किसान परेशान हैं। किसानों ने कहा कि उनकी जमीनों चोरी छिपे सर्वे कर लिया गया है जो ठीक नहीं है। औद्योगिक क्षेत्र के नाम पर जमीन जाने के खतरे से अंडिका, पट्टी बखरिया, खुरचंदा ,सुलेमापुर आदि गांव के किसान दहशत में हैं। किसानों ने बताया कि पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नाम पर बड़े पैमाने पर उपजाऊ जमीनों को ले लिया गया है। कहा कि अधिग्रहण कर इस क्षेत्र में भूमि और जल का दोहन उद्योगों के माध्यम से किया जाएगा। जिससे आसपास के गांव की उपजाऊ जमीन भी बंजर बन जायेगी।