अमिलो। सठियांव चीनी मिल परिसर में शनिवार को शरद कालीन गन्ना गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को गन्ना खेती वैज्ञानिक ढंग से करने तथा शरद कालीन गन्ना की बुआई करने के लाभ बताए।
उप गन्ना आयुक्त देवरिया परिक्षेत्र के ऊषा पाल ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि चीनी मिल को 56 लाख कुंतल गन्ना की जरूरत है। लेकिन आपूर्ति 24 लाख कुंतल गन्ना की हुई है। गन्ने की खेती के विकास से ही चीनी मिल और गन्ना किसान का विकास होगा।
जीएम अनिल चतुर्वेदी ने कहा कि गन्ना की घटतौली नहीं होने दी जाएगी। किसानों के गन्ने का भुगतान 76 प्रतिशत किया जा चुका है। शेष करने का भुगतान भी दीपावली से पहले कर दिया जाएगा। पूर्व उपसभापति पराग यादव ने किसानों के समर्थन के लिए आश्वासन दिया। किसान उमेश राय ने चीनी मिल के प्रबंधन तंत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि गलत नीति के चलते किसानों ने गन्ने की खेती करना बंद कर दिया।
पूर्व प्रधान लालचंद यादव ने कहा कि गन्ने का भुगतान समय से नहीं किया जाता है। इससे किसानों को आर्थिक तंगी का दंश झेलना पड़ता है। वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश गुप्ता, डॉ. योगेन्द्र भारती, डॉ. विनय कुमार मिश्रा ने सहफसली खेती करने के लाभ पर प्रकाश डाला। संचालन सीडीआई अशोक कुमार वर्मा ने किया।