सगड़ी। तहसील क्षेत्र में पराली जलाने से लोग बाज नहीं आ रहे हैं। कृषि विभाग व तहसील प्रशासन इस पर लगाम लगाने में पूूरी तरह से असमर्थ नजर आ रहा है। हां किसी के सूचना देने बाद किसानों पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई के नाम पर कोरम जरूर पूरा कर ले रहा है। धान की पराली को जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग व तहसील प्रशासन लगा हुआ है, जिससे कि पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सके। लेकिन विभाग की सख्ती का कोई असर नहीं है। जिससे कि पराली जलाने की घटना पर अंकुश लग सके। उधर रबी की समय से बुआई के लिए बहुत से जगहों पर किसान धान की पराली को जला दे रहे हैं। इससे बड़े पैमाने पर पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। क्षेत्र के लीलापट्टी बनकटिया में खेत में पराली जलाने के आरोप में क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट पर किसान विनय पर 2500 का जुर्माना लगाया गया है। तहसील क्षेत्र के अंजानशहीद, अल्लीपुर, कंजरा, लीलापट्टी आदि गांवों में किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। कार्रवाई से बचने के लिए रात के समय पराली जलाने की नई तरकीब खोज ली है। इस संबंध में जब तहसीलदार सगड़ी शक्ति प्रताप सिंह ने बताया कि सभी लेखपालों को निर्देश दिया गया है कि कहीं भी उनके क्षेत्र में पराली जलाई पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना वसूला जाये।