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माइनर में उड़ रही धूल धान की नर्सरी नहीं डाल पा रहे किसान

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पवई। एक तरफ धान की नर्सरी डालने का समय बीतता जा रहा है तो दूसरी तरफ नहरों में धूल उड़ रही है। किसान अब महंगे दामों पर डीजल की खरीदारी कर जैसे तैसे धान की नर्सरी डालने को विवश हैं। किसानों ने कई बार इसकी शिकायत संबंधित विभाग के अधिकारियों से की लेकिन आज तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया। शारदा सहायक खंड 32 से निकलने वाले माइनर में पानी न आने से दर्जनों गांवों के किसानों की धान की नर्सरी पिछड़ रही है। लग्गूपुर निवासी किसान रवींद्र वर्मा ने बताया कि जून के पहले सप्ताह में धान की नर्सरी खेतों में पड़ जानी चाहिए थी लेकिन नहरों में पानी न होने के चलते बहुत से किसान अभी तक धान की नर्सरी नहीं डाल पाए हैं। अगर यही हाल धान की रोपाई तक रहा तो सैंकड़ों बीघा धान की रोपाई नहीं हो पाएगी। किसान लालचंद यादव ने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई। कभी नहर की सफाई का बहाना तो कभी पानी हेड पर कम होने का बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। जिससे बाध्य होकर किसान महंगे दामों पर डीजल खरीद कर खेतों में धान की नर्सरी डालने का कार्य कर रहे हैं। शारदा सहायक खंड 32 के माइनर से बिलवाई, जमुहट, प्रतापपुर, लग्गूपुर, भीमलपुर, कछरा, शाहमर्दानपुर, रामपुर खुर्द आदि गांवों के खेतों की सिंचाई होती है। विभागीय उदासिनना के कारण किसाना परेशान हैं। किसान दीपक यादव, राम अवध चौरसिया, अनिल सिंह, रवींद्र वर्मा, लालचंद यादव, बाल सिकंदर ने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल नहर में पानी छोड़ने की मांग की है। जिससे किसानों की धान की नर्सरी समय से लग सके साथ ही खेतों की अन्य फसलों की सिंचाई की जा सके।
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