विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बृहस्पतिवार को मुख्य अभियंता वितरण के कार्यालय में जन जागरण कार्यक्रम के तहत सभा का अयोजन किया। वक्ताओंं समझौते का पालन नहीं कराए जाने पर ऊर्जा प्रबंधन पर नाराजगी जताई। इंजीनियर जगदीश पटेल व सतवीर सिंह ने कहा कि तीन दिसंबर को ऊर्जा मंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ हुए लिखित समझौते के प्रति ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन के नकारात्मक रवैये और उत्पादन निगम, पारेषण में बड़े पैमाने पर निजीकरण किये जाने के फैसले से बिजली कर्मियों में भारी रोष है। ओबरा व अनपरा में 800-800 मेगावाट क्षमता की दो इकाईयों को स्थापित करने का एमओयू एनटीपीसी के साथ किया गया है। यह दोनों परियोजनाएं उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम की परियोजनाएं हैं। इस प्रकार एनटीपीसी को ओबरा व अनपरा परिसर में नई परियोजनाएं देना सीध उत्पादन निगम का निजीकरण है। जो कई समझौतों का खुला उल्लंघन है। चंद्रभू्षण ने कहा कि पारेषण में 200 केवी व उच्च विभव के सभी विद्युत उपकेंद्रों, लाइनों का कार्य निजी क्षेत्र को देने की प्रक्रिया चल रही है। नियमित पदों पर नियमित भर्ती करते हुए निविदा/संविदा कर्मचारियों को तेलंगाना, राजस्थान प्रांतों की तरह नियमित किया जाये। इस दौरान प्रभुनारायण पांडेय, मुन्नवर अली, राज नारायन सिंह, धरमू प्रसाद यादव, संदीप प्रजापति, आशुतोष यादव, नीरज त्रिपाठी, रामअवध यादव, अखिल पांडेय आदि मौजूद थे।