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Azamgarh News: पीडब्ल्यूडी की जमीन से अतिक्रमण हटाया, जेसीबी से तोड़े गए पक्के मकान

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नगर हाफिजपुर क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा पीडब्ल्यूडी की जमीन पर कब्जा कर पक्के मकान का निर्माण करा लिया गया था। पीडब्ल्यूडी द्वारा इन लोगों को जमीन खाली करने को नोटिस जारी किया गया था लेकिन इन्होंने जमीन को खाली नहीं की। जिस पर शनिवार को विभाग के सहायक अभियंता, पुलिस और बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचे और जमीन को खाली कराया।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के हाफिजपुर चौराहे पर पीडब्ल्यूडी की कुछ जमीन खाली पड़ी थी। जिस पर कुछ लोगों द्वारा पहले मड़ई रखकर दुकान का संचालन शुरू किया गया। जब किसी ने कोई एतराज नहीं किया तो उन लोगों द्वारा उस जमीन पर पक्के मकान का निर्माण करा लिया गया। जिसमें पुनवासी यादव, काशी यादव, हरि यादव, धर्म बहादुर, बीर बहादुर, करन यादव, श्रीराम यादव का कब्जा हो गया।
जानकारी होने पर विभाग द्वारा इन लोगों को 26 जून को डाक के माध्यम से नोटिस दी गई। वहीं 28 जून को पुलिस चौकी बलरामपुर से भी इन लोगों को जमीन खाली करने की नोटिस जारी की गई। इसके बाद भी इन लोगों द्वारा जमीन को खाली नहीं किया गया। जिस पर शनिवार को पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता हरिश्चंद्र राय दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और बुलडोजर के सहारे जमीन पर हुए पक्के निर्माण को ध्वस्त कराया।
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पीड़ितों ने लगाया राजनीति से प्रेरित कार्रवाई का आरोप

पीड़ितों के अधिवक्ता अभिमन्यु चौहान ने कहा कि जमीन का यह टुकड़ा पुनवासी आदि के नाम से 85 कड़ी रकबा दर्ज था। जिसमें से 55 कड़ी पीडब्ल्यूडी ने अधिग्रहण कर लिया। हमने जो मकान बनाया है वह 33 कड़ी में बना है। इसके लिए हम मुकदमा भी लड़ रहे हैं। हमारी मांग है कि हमारी 33 कड़ी जमीन हमें दे दी जाए इसके बाद वह अपना 55 कड़ी लें हमें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन राजनीतिक साजिश के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।

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यह जमीन सड़क की नहीं बल्कि पीडब्ल्यूडी की जमीन थी। जिस पर इन लोगों द्वारा निर्माण कराया गया था। कई बार इनको जमीन खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया। लेकिन इन लोगों ने जमीन को खाली नहीं किया गया। जिस पर आज प्रशासन की मदद से जमीन को खाली कराया गया है।

हरिश्चंद्र राय, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी।

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इन लोगों के आरोप बेबुनियाद हैं। इनकी मौजूदगी में वहां पर पैमाइश कर निशान लगाया गया था। जो हिस्सा अतिक्रमण की जद में आया है। उसे ही तोड़ा गया है। इसके लिए इन लोगों को पहले ही नोटिस जारी हुई थी। इसी जगह पर विधायक जी का भी निर्माण था जिसे उन्होंने स्वतः हटा लिया था लेकिन इन लोगों ने नहीं हटाया था जिसे आज हटाया गया है।
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ज्ञानचंद गुप्ता, एसडीएम।
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