ऊर्जा मंत्री के साथ हुए लिखित समझौते का क्रियान्वयन के लिए सोमवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजलीकर्मियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में बैठक किया। इस दौरान समिति ने इस मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग किया। समझौता न लागू किए जाने के विरोध में कर्मचारी 14 मार्च को शाम को कार्यायल से कलेक्ट्रेट पर मशाल जुलूस निकालेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते को लागू कराने की मांग किसी भी तरह राजनीतिक नहीं है। यह बिजलीकर्मियों की नैसर्गिक न्याय की मांग है। ऐसा लग रहा है कि ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन ने अपनी अकर्मण्यता छिपाने के लिए ऊर्जा मंत्री को पूरी तरह से गुमराह किया है। हड़ताल करने के लिए बिजली कर्मियों को बाध्य किया जा रहा है। समझौते के दौरान समिति ने 15 दिन के लिए आंदोलन स्थगित करने की सहमति प्रदान की। अब जबकि 110 दिन बीत चुके हैं प्रबंधन की हठधर्मिता के चलते समझौता लागू नहीं हो रहा है। प्रभु नारायण पांडेय प्रेमी ने मशाल जुलूस में कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील किया। इस अवसर पर राज नारायण सिंह, संदीप प्रजापति, आशुतोष यादव, चंद्र शेखर, मिथिलेश यादव, विजय नारायण मौर्य आदि मौजूद थे।