तापमान में गिरावट आने के बाद भी शहर से लेकर गांव तक बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी इसका समय नहीं है। विभाग हमेशा फाल्ट की बात कह अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहा है। जनपद में करीब 6.25 लाख कामर्शियल और घरेलू उपभोक्ता हैं। मंडल और जिला मुख्यालय पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालय पर 21 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटा बिजली आपूर्ति का फरमान है। लेकिन विभाग की व्यवस्था इससे बिल्कुल इतर है। शहर में शाम को कटी बिजली रात भर नहीं आ रही है। कटरा, अटलस पोखरा, ब्रह्मस्थान, पुरानी कोतवाली, सिधारी, गुलामी का पुरा, हरबंशपुर, पल्हनी आदि शहरी क्षेत्रों के लोगों को 24 घंटे की जगह मात्र 14 से 15 घंटा ही बिजली मिल रही है। गर्मी के सीजन में तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने के कारण विभाग ओवर लोड से फाल्ट बताकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग जाता था। अब तापमान मे 10-12 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है। लेकिन विभाग अपनी पुरानी राग ही अलाप रहा है। मेंहनगर, अहरौला व मुबारकपुर का मोहब्बतपुर फीडर की बिजली शाम होते ही लो वोल्टेज की भेंट चढ़ जा रही है। पंखे, कूलर तक नहीं चल पा रहे हैं। यही नहीं यहां पर उपभोक्ताओं को 18 घंटे की जगह 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। लो वोल्टेज के कारण ट़यृबवेल, सबमर्सिबल नहीं चल पा रहा है। किसान भी परेशान हैं। अधिशासी अभियंता प्रथम एके सिंह ने बताया कि शेड्यूल के अनुसार बिजली की आपूर्ति हो रही है। कहीं-कहीं लोकर फाल्ट के कारण आपूर्ति बाधित हो रही है। कुछ जगहों पर जर्जर तार बदले नहीं जा सके हैं, जिससे कारण यह समस्या आ रही है। रिवैप्ड योजना के तहत बाकी जगहों के जर्जर तार जल्द ही बदले जाएंगे।