जिले में सभी 22 ब्लॉकों में संचालित परिषदीय विद्यालयों में 156 ऐसे विद्यालय हैं जिनका विद्युतीकरण नहीं हो सका है। ऐसे में इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को गर्मी और उमस के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।
जनपद में कुल 2702 परिषदीय विद्यालय संचालित होते हैं। जिसमें 1720 प्राथमिक विद्यालय, 528 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 454 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में लगभग साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। शासन का प्रयास है कि परिषदीय विद्यालयों को कांवेंट विद्यालयों की तर्ज पर विकसित किया जाए। सारी सुख सुविधाएं यहां पर बच्चों को उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद भी इनकी दशा सुधरने का नाम नहीं ले रही है। जनपद के 2702 परिषदीय विद्यालयों में से 156 विद्यालयों में अभी तक बिजली के कनेक्शन ही नहीं हैं।
वर्ष 2008 में सरकार ने परिषदीय विद्यालयों के विद्युतीकरण की कवायद शुरू की थी। इसके लिए शासन ने प्रत्येक विद्यालय में चार पंखे और बल्ब लगाने के लिए ग्राम शिक्षा निधि से करीब 32 हजार रुपए मुहैया कराए थे। इससे विद्यालयों में बल्ब और पंखे तो लगे लेकिन कनेक्शन नहीं दिया गया। जिसके कारण यह बल्ब और पंखे शोपीस बनकर रह गए हैं। वहीं गर्मी और उमस के बीच छात्र पढ़ाई करने को विवश हैं। हाल ही में विद्युत विभाग द्वारा 132 विद्यालयों में कनेक्शन के लिए स्टीमेट तैयार कर भेजा है। जिसे बेसिक शिक्षा विभाग स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजने की तैयारी में जुटा हुआ है।
00
कई जगहों पर विद्युत पोल काफी दूर
आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों को बिजली का कनेक्शन देना विभाग के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। बहुत से विद्यालय ऐसे हैं जहां कनेक्शन देने के लिए विभाग को भारी भरकम बजट की जरूरत है। क्योंकि विद्युत पोल विद्यालय से काफी दूर स्थित हैं। कनेक्शन देने के लिए कई पोल लगाने के साथ ही तार आदि खींचे जाने का खर्च अधिक आ रहा है।
कोट
जनपद में सिर्फ 156 विद्यालय ऐसे हैं जिनमें विद्युत का कनेक्शन नहीं है। इनमें से भी 132 विद्यालयों में कनेक्शन के लिए विद्युत विभाग से एस्टीमेट मिल गया है। जिसे स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा जा रहा है। शासन से स्वीकृति मिलते ही इन विद्यालयों में कनेक्शन कराने की कार्रवाई कराई जाएगी। -समीर कुमार, बीएसए