बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए विभाग उपभोक्ताओं के साथ सख्ती से पेश आता है। वहीं, मंडल के सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये बिजली बिल का बकाया चल रहा है, लेकिन इस पर विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। मंडल के तीनों जनपदों के विभिन्न विभागों पर 5808.08 लाख रुपये बकाया है।
उपभोक्ताओं से बकाया बिजली बिल को वसूलने के लिए विभाग की टीम हर वितरण खंडों में काम कर रही है। 10 हजार रुपये से ऊपर बकाया और उपभोक्ता जमा नहीं कर रहे हैं तो उनका बिजली कनेक्शन ही काट दिया जाता है। इतना ही नहीं 50 हजार या एक लाख से अधिक के बकायेदारों के खिलाफजमा न करने पर आरसी भेजने और मुकदमा दर्ज करने तक की कार्रवाई की जाती है।
वहीं, सरकारी विभागों पर करोड़ों बकाया के बाद भी विजली विभाग के अधिकारी मौन हैं। मंडल के तीनों जनपदों आजमगढ़, मऊ और बलिया में मार्च तक के आंकड़े बताते हैं कि स्वास्थ्य, राजस्व, शिक्षा, सिंचाई, गृह आदि विभागों पर 5708.08 लाख रुपये बिजली बिल बाकी है। इसमें सबसे ज्यादा आजमगढ़ में 4195. 28 लाख, मऊ में 655.77 लाख और बलिया में 957.03 लाख रुपये बाकी हैं।
00
प्राथमिक शिक्षा विभाग बिजली विभाग का बड़ा बकायेदार
मंडल के आजमगढ़ जनपद में बकाएदार विभागों की लंबी फेहरिस्त है। एलोपैथिक चिकित्सा पर 496.48 लाख, राजस्व पर 220.11 लाख, प्राथमिक शिक्षा पर 1547.07 लाख का बिजली बिल बकाया है। इसी प्रकार देखा जाय तो सिंचाई विभाग पर 101.79 लाख, ग्राम्य पेयजल पर 385.64 लाख, पंचायती राज पर 187.02 लाख बकाया है। इसी प्रकार मऊ में देखा जाय तो पुलिस विभाग पर 150.89 लाख, महिला अस्पताल 146.64 लाख और जिला अस्पताल पर 125.26 लाख रुपये बाकी है। वहीं, बकाएदारों की सूची में बलिया के विभाग भी पीछे नहीं हैं। यहां प्राथमिक शिक्षा पर 674.26 लाख, माध्यमिक पर 173.85 चिकित्सा पर 47.34 लाख बिजली बिल का बकाया चल रहा है। संवाद