फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: आठ दंपती फिर से एक साथ रहने को हुए राजी

विज्ञापन
विज्ञापन
दीवानी न्यायालय परिसर में रविवार को दिनभर चली राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर कुल 69 हजार 480 वादों का निपटारा किया गया। इस दौरान पारिवारिक न्यायालय ने अलग रह रहे आठ दंपतियों को एक साथ रहने का निर्णय कराकर ससम्मान माला पहनाकर रवाना किया। इसके पूर्व लोक अदालत का न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण कर किया। कहा कि लोक अदालत द्वारा किए गए निर्णय दोनों पक्षों पर बाध्यकारी होते हैं। इस आदेश के खिलाफ किसी भी अदालत के समक्ष अपील वर्जित है। यह एक ऐसा माध्यम है जिसमें किसी पक्ष की जीत और हार नहीं होती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव धनंजय कुमार मिश्रा ने बताया कि जनपद न्यायाधीश से एक, प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश मनोज कुमार राय की अदालत से 11, अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवरिक न्यायालय प्रेमशंकर की अदालत से सात, अपर प्रधान न्यायाधीश संगीता यादव की अदालत से आठ, अपर जिला जज सतीश चंद्र द्विवेदी की अदालत से दो, अपर जिला जज ओमप्रकाश की अदालत से दो, अपर जिला जज एससी-एसटी कोर्ट जयनेंद्र कुमार पांडेय की अदालत से सात, अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट संतोष यादव की अदालत से चार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यशवंत सरोज की अदालत से 1610 मुकदमों का निस्तारण किया गया। वहीं 408250 रुपये वसूल किए गए। सिविल जज सीनियर ड्विजन देवेंद्र प्रताप सिंह की अदालत से 1004 मुकदमों का निस्तारण किया गया। इसी प्रकार विभिन्न बैंकों से संबंधित प्री लिटिग्रेशन स्तर पर 796 मुकदमें वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन द्वारा 53 हजार 122 मुकदमों का निस्तारण किया गया। वहीं उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार द्वारा 12 मुकदमों का निस्तारण कर 1107274 रुपये मुआवजा दिलाने का आदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें