रिक्शा स्टैंड पर वाहन चालक कल्याण समिति के धरने में शामिल लोग। श्रोत-संगठन
आजमगढ़। वाहन चालक कल्याण समिति संपूर्ण भारत के आह्वान पर मंगलवार को देशभर के वाहन चालकों की जुटान रिक्शा स्टैंड पर हुई। इस दौरान चालकों ने अपने अधिकारों, सुविधाओं और सम्मान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय चालक आयोग और ड्राइवर सुरक्षा बोर्ड के गठन की मांग उठाई। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश यादव ने कहा कि वाहन चालक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से उन्हें न तो पर्याप्त सुविधाएं मिलती हैं और न ही सम्मान। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर चालकों के लिए शौचालय और विश्राम की समुचित व्यवस्था नहीं है। कई स्थानों पर प्रसाधन स्थलों पर ताले लगे रहते हैं या चौकीदार चालकों को प्रवेश नहीं करने देते। यदि कोई चालक थकान के कारण रेस्ट लेन में कुछ देर वाहन खड़ा कर आराम करता है तो उसे अपमानित कर वहां से भगा दिया जाता है। वहीं, रात में वाहन खड़ा करने पर चोरी की घटनाएं होती हैं और पुलिस से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। उन्होंने सरकार से राष्ट्रीय चालक आयोग एवं ड्राइवर सुरक्षा बोर्ड की स्थापना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर चालकों के लिए विश्रामगृह एवं बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था, सड़क दुर्घटना में चालक की मृत्यु होने पर उसे शहीद का सम्मान देने के साथ उसके परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, पत्नी को प्रतिमाह 10 हजार रुपये विधवा पेंशन, बच्चों को गरीबी कल्याण योजनाओं से जोड़ते हुए उनकी शिक्षा और चिकित्सा की व्यवस्था शामिल है। इसके अलावा दुर्घटना में चालक के दिव्यांग होने पर 15 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, पांच हजार रुपये प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन तथा सरकार की ओर से समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। साथ ही चालक सहायता एवं शोषण निवारण के लिए एक स्वतंत्र तंत्र और राष्ट्रीय पोर्टल स्थापित करने पर भी जोर दिया। धरने को मंडल अध्यक्ष संतोष राजभर, उपाध्यक्ष सुरेंद्र यादव, जिला प्रबंधक महेंद्र यादव, उपाध्यक्ष संजय यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामदास यादव, सेक्रेटरी पतिराम यादव, जिला मंत्री महेंद्र जायसवाल और कोषाध्यक्ष मुन्नीलाल यादव आदि उपस्थित रहे।