आजमगढ़। जनपद के ख्यातिलब्ध साहित्यकार डॉ. कन्हैया सिंह के स्मृति में चल व्याख्यानमाला के अंतिम दिवस बुधवार को साहित्यकारों ने उन्हें वैचारिक श्रद्धा सुमन अर्पित किया। साहित्यकारों ने उन्होंने राष्ट्रवादी चिंतन की अलख जगाने वाला व्यक्ति बताया।
डीएवी कॉलेज के पूर्व उपाचार्य डॉ. शशिभूषण प्रशांत ने कहा कि उनके पास एक विशिष्ट अंतर्दृष्टि थी। जिससे वो सामने वाले के विशेषज्ञता को पहचान उसे एक उच्च मुकाम प्रदान करते थे। साहित्य और राजनीति जैसे दो विपरीत ध्रुवों के मध्य अद्भुत सामंजस्य स्थापित करते हुए राष्ट्रवादी चिंतन की अलख जगाने वाले थे। इस मौके पर कवि डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, डॉ. गीता सिंह, डॉ. अखिलेश चंद्र, जनमेजय पाठक, हरिहर पाठक आदि उपस्थित थे।