असुरक्षित यानी आसानी से निशाना बनने की जद में आने वाले और बेसहारा बच्चों के संरक्षक जिलाधिकारी होंगे। अनाथ हुए बच्चों के संपत्ति की सुरक्षा जिलाधिकारी के हवाले होगी। ताकि कोई भी उनकी संपत्ति हड़प न सके। जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण मुश्किल में फंसे असुरक्षित, बेसहारा, अनाथ और असहाय बच्चों की सुरक्षा, सेहत और शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने दिशा- निर्देश जारी किए हैं। ऐसे बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी, पुलिस, पंचायती राज तथा शहरों में स्थानीय निकायों तक की जिम्मेदारी तय की है। ऐसे बेसहारा बच्चों के संरक्षक जिलाधिकारी यानी डीएम होंगे। इतना ही नहीं जिलाधिकारी पैतृक संपत्ति में बच्चे के अधिकार भी सुरक्षित करेंगे और यह देखेंगे कि संपत्ति न तो बेची जाए और न ही उस पर अवैध कब्जा हो। यह राजस्व विभाग की निगरानी में सुनिश्चित होना चाहिए।