बीते 16 सितंबर को हुए भारी बारिश ने आपदा बनकर कई तरह से कहर बरपाया है। जिसके कारण बहुत से परिवारों ने अपने करीबियों को जहां खोया तो कइयों ने अपने ही सामने अपने आशियानों को जमींदोंज होते देखा। जिसके कारण बहुत से परिवार का जीवन आज भी बेपटरी हो चुका है हालांकि बहुतेरे पीड़ित परिवार अपने करीबियों व पड़ोसियों की दया पर जीवन बसर करते हुए प्रशासनिक मदद की बांट जोह रहे हैं। जिले में अभी तक जनहानि के 19 आवेदन सामने आए हैं। उक्त सभी प्रकरण की जांच कर ली गई है, इनके परिजनों केे चार लाख रूपया आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा लेकिन विभाग के पास बजट नहीं है। वहीं मकान क्षति के 2006 घटनाएं हुई हैं। जिसमे से 239 पीड़ितों को 32 सौ रूपया की अहेतुक मदद दे दी गई है। अन्य 1767 की मदद होनी शेष है। वहीं पशु हानि की बात की जाए तो ऐसे 32 मामले आए हैं, जिसमें आठ पशुपालकों को मदद दे दी है। अन्य 24 की सहायता राशि नहीं दी जा सकी है। अगर शासन-प्रशासन द्वारा इन्हें समय रहते मदद दे दी गई होती तो पीड़ित परिवारों का जीवन भी पटरी पर आना शुरू हो गया होता। सूत्रों की मानें तो वर्तमान में बजट के लिए शासन को पत्र लिखकर भेज दिया गया है। बजट आते ही सभी पात्रों को सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।