आजमगढ़। जिले में रिवैंप्ड योजना के काम की रफ्तार सुस्त है। ग्रामीण इलाकों में जर्जर तार और पोल नहीं बदले गए हैं। शॉर्ट सर्किट न हो इसके लिए तारों के बीच में बांस के छाले बांध दिए गए हैं। कप्तानगंज के कोयलसा बाजार, मुबाकरपुर के दौलतपुर गांव, पवई के मरहट गांव, मेंहनगर, देवगांव, सरायमीर, महाराजगंज, सगड़ी क्षेत्र के गांवों में जर्जर तारों के जरिये बिजली आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या से निजात नहीं मिल पाया है। जिले में विद्युत आपूर्ति के लिए छह डिवीजन बनाए गए हैं। इनमें विभिन्न भार वर्ग के 6.90 उपभोक्ता हैं। उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2022 में रीवैंप्ड योजना के तहत आजमगढ़ मंडल को 503 करोड़ रुपये जारी हुए। इनमें से जिले को जर्जर तार, पोल बदलने, ट्रांसफार्मरों पर कैपीसीटर बैंक लगाने और नई एचटी-एलटी लाइन खींचने के लिए 138 करोड़ रूपये मिले थे। इसकी जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था मोंटो कार्लो को दी गई। कार्यदायी संस्था और विभागीय अधिकारियों की उदासीनता से योजना के कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। दो साल में रिवैंप्ड योजना का कितना प्रतिशत काम हुआ है। जिम्मेदारों को पता ही नहीं है। ग्रामीण इलाकों में जर्जर तार लटक रहे है औै पोल खड़े हैं। ट्रांसफार्मरों पर कैपीसीटर बैंक भी नहीं लगाए गए हैं।
विद्युत पोल गिरा, मार्टीनगंज- सिकरौर मार्ग दो घंटे बाधित
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सरायमीर। क्षेत्र के कौरा गहनी गांव में शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे मार्टीनगंज से सिकरौर सहबरी जा रही एक कार विद्युत पोल से टकरा गई। विद्युत पोल गिरने से मार्टिनगंज-सिकरौर सहबरी मार्ग पर आवागमन करीब दो घंटे तक बाधित रहा। इस संबंध में विद्युत उपकेंद्र खासडीह के जेई अवधेश पाल का कहना है कि सूचना मिलते ही लाइनमैन को मौके पर भेज दिए थे। संवाद
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हाल ही मै चार्ज लिया हूं रिवैंप्ड योजना के तहत जिले में कितने प्रतिशत काम हो चुके हैं और कितने प्रतिशत बाकी हैं। ये बात मालूम नहीं है। जिले मेें जर्जर तार और पोल बदलने का काम जारी है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता।