जिले में जर्जर हालत में पहुंच चुके स्वास्थ्य केंद्रों का जल्द ही जीर्णोद्धार होगा। अल्पसंख्यक विभाग को निदेशालय से पत्र आने के बाद डीएमओ ने सीएमओं को पत्र भेजकर जर्जर हालत में पहुुुंच चुके स्वास्थ्य केंद्रों की सूची मांगी है।जिले में बहुत से ऐसे स्वास्थ्य केंद्र हैं जो काफी पुराने हैं। इनका सही से देखरेख न होने से यह जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। लेकिन विभाग इनकी मरम्मत नहीं करा पा रहा है। हमेेशा बजट न होने की बात करता है। जिसके कारण कई जगहों पर जर्जर भवनों में ही स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हो रही है। ऐसे स्वास्थ्य केंद्रों की शासन स्तर से खोज शुरू हो चुकी है। जिससे कि इनकी मरम्मत की जा सके। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के बजट से इनका जीर्णोद्धार कराने के लिए अल्पसंख्ययक निदेशालय ने अल्पसंख्यक विभाग को पत्र भेजा है। पत्र आने के बाद विभाग ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर जर्जर हालत में पहुंच चुके स्वास्थ्य केंद्रों की लागत के साथ रिपोर्ट मांगी है ताकि इनका जीर्णोद्धार हो सके।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल ने बताया कि निदेशालय से पत्र आने के बाद सीएमओं को जर्जर स्वास्थ्य केंद्रों की सूची उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है। सूची उपलब्ध् होने के बाद बीएलसी की बैठक होगी। इसके बाद उसे शासन को भेजा जाएगा।