एक दशक से जर्जर अहरौला-कप्तानगंज मार्ग लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। सड़क पर बने गड्ढों में पानी भरने से लोगों का आवागमन दूभर हो गया है। गिरते पड़ते लोग इस मार्ग पर आवागमन कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कप्तानगंज से अहरौला मार्ग से आवागमन करने वाले लोग दशकों से उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। जबकि इस मार्ग के लिए कुछ सालों में सैकडों बार क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन, भूख हड़ताल भी किया। लोकनिर्माण विभाग से लोगों ने सड़क को चलने लायक बनाने की मांग की लेकिन दशकों गुजर गया सड़क ज्यों कि त्यों पड़ी हुई है। अभी बीते सप्ताह अगस्त में ही प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जनपद में पहुंचे थे। संगठन के लोगों के साथ भी समन्वय बैठक की, 2024 के चुनाव को लेकर सुझाव मांगा। अहरौला भाजपा मंडल के अध्यक्ष रविंद्र प्रताप सिंह के द्वारा अहरौला कप्तानगंज मार्ग को लेकर लिखित रूप से पत्रक भी सौंपा गया था। इसके बाद भी सड़क की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। बीते जुलाई माह में प्रदेश के कृषि मंत्री और आजमगढ़ के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही इसी सड़क से चलकर क्षेत्र में एक कार्यक्रम में पुल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। अभी बीते दिनों अहरौला कप्तानगंज सड़क को लेकर पंचायत सदस्य विजय बहादुर सिंह, अभिषेक उपाध्याय, जिला पंचायत सदस्य हरिकेश यादव, समाजसेवी लक्ष्मी चौबे आदि लोगों को नेतृत्व में बड़ा आंदोलन भी हुआ था। वहीं अब लोगों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।