आजमगढ़। दीपावली पर सोमवार को लोगों ने घर में विधि-विधान से लक्ष्मी, गणेश और मां सरस्वती की पूजा अर्चना की। शाम होते ही पूजा पंडालों में श्रद्धालु जमा हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पंडालों के पास पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। रोडवेज बस अड्डा से हर्रा की चुंगी, ब्रह्मस्थान, बिलरियागंज इलाके तक 37 स्थानों पर पूजा पंडाल बनाए गए हैं। इसके अलावा शहर के सिधारी थाना क्षेत्र में सिधारी, हरवंशपुर, बेलइसा, रेलवे स्टेशन, छतवारा, चंडेश्वर आदि बाजारों में 24 पंडाल बने। पंडालों को विद्युत झालरों से सजाया गया था। हर जगह भक्ति गीतों की धूम रही। पंडालों में भीड़ के चलते शहर जाम में फंसा रहा। सड़कों के किनारे वाहनों को खड़ा कर देने से जाम की स्थिति बनी। सड़कों की पटरियों पर भी दुकानें लगाई गई थीं। यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शहर के विभिन्न चौराहों और तिराहों पर तैनात पुलिस के जवान जुटे हुए थे। वहीं, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 288 पूजा पंडालों में प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सबसे अधिक 41 पूजा पंडाल जहानागंज थाना क्षेत्र में बनाए गए हैं। इसके अलावा रानी की सराय में 15, मुबारकपुर में 40,कंधरापुर में 19, निजामाबाद में 21, गंभीरपुर क्षेत्र में 10, देवगांव में 27, तरवां क्षेत्र में 10 स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की गई है। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र में आठ, सरायमीर में आठ, दीदारगंज में चार, अतरौलिया में 11, अहरौला में 13, कप्तानगंज में चार, जीयनपुर में छह, तहबरपुर तीन, बिलरियागंज में 13, महराजगंज में 13, रौनापार में 13, पवई में पांच पूजा पंडालों में गणेश व लक्ष्मी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। मेजवां : पंडालों में देवी गीतों की धूम रही। कस्बा में लाई, चूड़ा, गट्टा और मिष्ठानों की बिक्री हुई। छह से अधिक गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित की गई है। स्थानीय प्रशासन ने इस बार रामलीला मैदान में आतिशबाजी की दुकानें लगवाई थीं।