बता दें कि अराजी फुलाईच लोहिया गांव के रुप में चयनित है। लेकिन गांव का मुसहर पुरवा आज भी विकास से कोसो दूर है। मुसहरों ने विकास नहीं तो वोट नहीं, आवास नहीं तो वोट नहीं आदि के नारे लगाए। राजेंद्र मुसहर ने कहा कि गांव लोहिया गांव के रूप में चयनित है। बावजूद मुसहर बस्ती में विकास दूर दूर तक नजर नहीं आती। चुनाव के दौरान तो ये नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं। लेकिन चुनाव समाप्त होते ही सभी वादे को निभाना भुल जाते हैं। इसलिए हम सभी मुसहरों ने इस बार के चुनाव मतदान का बहिष्कार का निर्णय लिया है। प्रदर्शन के दौरान नौमी वनवासी, सुरेंद्र मुसहर, तारा देवी, परमी देवी, सुभावती, किरन, मंजु, कैलाश, उर्मिला, रीता , रमेश, रामलखन, झुनखुन आदि रहे।