आजमगढ़। जनपद में मानदेय अंतर्गत संस्कृत विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता की शिकायत हुई। जिसकी जांच करने के लिए शुक्रवार को उप शिक्षा निदेशक संस्कृत व संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रयागराज जेडी कार्यालय में पहुंचे। जांच टीम ने पटल सहायक व सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक एवं शिकायतकर्ताओं से उनका बयान दर्ज किया। टीम दस दिनों में जांच रिपोर्ट डायरेक्टर को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
माध्यमिक से संचालित विद्यालयों में कुल करीब 11 नियुक्तियां की गई हैं। जिसमें परमानंद पांडेय एवं सतीश कुमार पांडेय द्वारा नियुक्ति में अनियमितता करने व विज्ञापन में गड़बड़ी करने से संबंधित शिकायत की थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए डायरेक्टर ने उपशिक्षा निदेशक सीएल चौरसिया व संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रयागराज डा. मुकेश अग्रवाल को सौंपी गई। उप शिक्षा निदेशक संस्कृत सीएल चौरसिया व संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रयागराज डा. मुकेश अग्रवाल शुक्रवार की दोपहर संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय आजमगढ़ में पहुंचे। टीम के समक्ष पटल सहायक द्विजेश त्रिपाठी व एडीआईओएस रामआसरे यादव पत्रावलियों के साथ प्रस्तुत हुए। इस दौरान शिकायतकर्ता परमानंद पांडेय व सतीश कुमार पांडेय समेत कुछ संस्कृत विद्यालयों के प्रबंधक उपस्थित हुए। टीम ने दोनों पक्षों से उनका बयान दर्ज किया। टीम करीब एक घंटे बंद कमरे में टीम जांच-पड़ताल करती रही। साथ ही शिकायतकर्ताओं से कुछ साक्ष्य भी लिए। टीम की माने तो शिकायतकर्ताओं द्वारा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। जांच अधिकारी उप शिक्षा निदेशक संस्कृत सीएल चौरसिया ने बताया कि अभी शिकायतकर्ताओं का बयान दर्ज किया गया है। अगले दस दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट डायरेक्टर को सौंपेंगे। बताया कि जो लिखित शिकायत हुई थी वहीं मौखिक रूप से उनका बयान दर्ज किया गया है। आजमगढ़। एक दिन पूर्व कनिष्ठ सहायक व स्कूल प्रबंधक के बीच नियुक्ति किए जाने के लिए लिए गए पैसे की लेनदेन के वाद-विवाद का ऑडियो वायरल हो गया। जिसे लेकर संयुक्त शिक्षा निदेशक वाईके सिंह ने वायरल ऑडियो के आधार पर कनिष्ठ सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वायरल ऑडियो को लेकर जब मीडियाकर्मियों ने उप शिक्षा निदेशक से सवाल किया तो उन्होंने मामले से कन्नी काटते हुए कहा कि वायरल ऑडियो से इस जांच का कोई कनेक्शन नहीं है। मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।