बिजली की समस्याओं को लेकर वामपंथी दलों ने बुधवार को सिधारी हाइडिल परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने अधिशासी अभियन्ता विद्युत वितरण खंड प्रथम को छह सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने से पहले लोग गेट से नारा लगाते हुए अधिशासी अभियन्ता विद्युत के कार्यालय तक गये। इस मार्च में लोग बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, बिजली बिल वृद्धि वापस लेने, किसानों को मुफ्त बिजली देने, बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। ज्ञापन देने के बाद भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला मंत्री कामरेड रामजन्म यादव ने कहा कि बिजली के हालात ठीक नहीं है। सरकार जनता को बिजली का वितरण तय करने की बजाय उसका निजीकरण करने में लगी है।सरकार नियमित कर्मचारियों से काम लेने के बजाय ठेका पर काम करा रही है। चेताया कि बिजली की व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान विनोद सिंह, सुदर्शन राम, बशीर अहमद, वेदप्रकाश उपाध्याय, रामायन आदि शामिल रहे।