बीएड छात्र संघर्ष मोर्चा की बैठक बुधवार को कुंवर सिंह उद्यान में हुई। इसके बाद अभ्यर्थियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन के माध्यम से पीएम को पत्रक भेजकर बीएड धारको को प्राथमिक शिक्षा में अध्यापक बनने की योग्यता के लिए अध्यादेश बिल लाने की मांग उठाई।
प्रदेश अध्यक्ष राहुल विद्यार्थी ने कहा कि अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और केंद्र सरकार द्वारा 28 जून 2018 को जारी आधिकारिक राजपत्र के अनुसार ही अपनी बीएड डिग्री पूरी किया है। राजपत्र के अनुसार बीएड अभ्यर्थी भी देश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की पूरी योग्यता रखते हैं।
कहा कि 11 अगस्त 2023 को सर्वोच्च न्यायालय ने एनसीटीई के उक्त राजपत्र को असंवैधानिक करार देने वाले राजस्थान हाईकोर्ट के 25 नवंबर 2021 के निर्णय को ही मान्य कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले से देशभर के करोड़ों बीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक बनने के सपनों पर आघात पहुंचा है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रशांत यादव, संदीप, विश्वजीत, श्रेय, रमेश, गुड़िया, अलका, करिश्मा आदि मौजूद रहे।