आजमगढ़। बिलरियागंज को नगर पालिका बनाए जाने के शासन के आदेश बाद इसमें शामिल होने वाले गांवों के प्रधानों ने मंगलवार को जिलाधिकारी को मांग पत्र दिया। ग्राम प्रधानों ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे खारिज किए जाने की मांग किया। प्रधानों ने कहा कि नगर पंचायत बिलरियागंज में स्वयं के जीवन जीने के लिए जीवकोपार्जन के साधन है। मनरेगा जांब कार्ड धारकों की संख्या काफी अधिक है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल आबादी 13115 है। जिस पर नगर पंचायत बिलारियागंज को नगर पालिका बनाया जाना विधि के विरुद्ध है। बिलरियागंज ब्लाक में कुल 118 गांव है। जिसमें 66 ग्रामों का नोटरीफिकेशन कर उसे नगरपालिका में शामिल किया जा रहा है। बिलरियागंज में कोई औद्योगिक कारखाने नहीं हैं और नोटरीफिकेशन में प्रस्ताविक ग्रामों की आपसी दूरी लगभग डेढ़ किमी. से अधिक नहीं है। कहा कि प्रस्तावित नगर पालिका बिलरियागंज और आजमगढ़ नगर पालिका की दूरी लगभग 15 किमी. है। जिसके कारण साफ-सफाई का कार्य संभव नहीं हो पाएगा। बिलरियागंज की अबादी बहुत ही कम है। प्रधानों ने बताया कि इससे पहले भी श्रेणी तीन की नगर पालिका बनाए जाने का प्रस्ताव हुआ था लेकिन आपत्ति किए जाने पर उसे खारिज कर दिया गया था। इस मौके पर प्रधान नूर आलम, शीलावती, कविता यादव, चंदू मौर्य, लच्छू राम आदि उपस्थित रहे।