आजमगढ़। जनपद में 37 विभागों के ऊपर 3583.06 लाख रुपये बिजली का बिल बकाया है। लेकिन, इनके खिलाफ बिजली विभाग के अधिकारियों पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है, क्योंकि बकायेदारों की सूची में आला हाकिम से लेकर सरकारी विद्यालय तक के नाम शामिल है। इसमें सबसे बड़ा बकायेदार बेसिक शिक्षा विभाग है, जिसके ऊपर कुल 1448.94 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। जनपद में मौजूदा समय में 6 लाख 56 हजार 684 उपभोक्ता हैं। इनमें 37 ऐसे विभागों के भी कनेक्शन शामिल हैं, जिनके खिलाफ बिजली विभाग का स्थानीय स्तर पर भुगतान किया जाता है। लेकिन इन विभागों ने 3583.06 लाख रुपये बिजली के बिल का बकाया है। ऐसे में अगर बकायेदार प्रमुख विभागों की बात करें तो सरकार की तिजोरी भरने वाले विभागों के भी नाम हैं। सूची पर नजर डालें तो आबकारी विभाग पर 18.14 लाख, वित्त विभाग 6.43 लाख, वन 22.30 लाख, नगर विकास 17.96 लाख, माध्यमिक शिक्षा विभाग 70.49 लाख, गृह विभाग 81.23 लाख, नागरिक उड्डयन 26.43 लाख, डाक विभाग का 18.71 लाख, मंडी समिति 8.74 लाख, जिला सहकारी समिति 5.92 लाख, कृषि 14.20 लाख, चिकित्सा शिक्षा 6.55 लाख, सिंचाई 68.45 लाख, समाज कल्याण विभाग 7.94 लाख, परिवहन विभाग 5.23 लाख रुपये बकाया है। इनके अलावा नौ ऐसे बड़े विभाग भी हैं, जिनपर एक करोड़ से अधिक रुपये का बकाया है।
बिजली के बकाये वाले विभाग
बेसिक शिक्षा विभाग-1448.94 लाख
ग्राम्य पेयजल योजना-376.20 लाख
ऐलोपैथिक चिकित्सा विभाग-307.40 लाख
जिला प्रशासन-244.43 लाख
ब्लाकों का- 203.38 लाख
पंचायती राज विभाग-184.28 लाख
लोक निर्माण विभाग199.09 लाख
पशु चिकित्सालयों-140.57 लाख
राजस्व विभाग-123.15 लाख
अधिशासी अभियंता प्रथम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि 37 सरकारी विभागों पर 3583.06 लाख रुपये बिजली बिल बकाया है। इन विभागों से बकाया वसूली के लिए बिल भेजा गया है। साथ ही इससे उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बकाया बिल न जमा करने वाले विभागों के खिलाफ उच्चाधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।