आजमगढ़। जिले में कोरोना संक्रमण के चलते मौत का आकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को राजकीय मेडिकल कालेज में ही 11 लोगों की मौत हुई। होम आइसोलेशन में मरने वालों की कोई गिनती ही स्वास्थ्य विभाग अथवा जिला प्रशासन नहीं करा रहा है। शुक्रवार को मेडिकल कालेज में करने वालों में आजमगढ़ के चार, मऊ के पाच व बलिया के दो लोग शामिल रहे। राजकीय मेडिकल कालेज के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक पांडेय ने बताया कि तहबरपुर की 45 वर्षीय महिला को 22 अप्रैल की भोर में तीन बजे भर्ती कराई गई थी, जिसकी शुक्रवार की भोर में मौत हो गई। 22 अप्रैल की रात एक बजे भर्ती मुबारकपुर के 40 वर्षीय युवक ने शुक्रवार की सुबह 9.15 बजे दम तोड़ दिया। 18 अप्रैल की रात 10 बजे भर्ती शहर कोतवाली के 58 वर्षीय व्यक्ति की शुक्रवार की भोर में 3.40 बजे, 19 अप्रैल की शाम 5.30 बजे भर्ती जीयनपुर की 43 वर्षीय महिला की 22 अप्रैल की शाम 6.25 बजे मौत हो गई। इसी क्रम में 21 अगस्त की रात एक बजे भर्ती मऊ के घोसी निवासी 70 वर्षीय वृद्ध की 22 अप्रैल की शाम 3.30 बजे मौत हो गई। मऊ के ही सरायलखंसी निवासी 46 वर्षीय व्यक्ति को 13 अप्रैल की रात 10 बजे भर्ती किया गया, जिन्होंने 22 अप्रैल की शाम 7.30 बजे अंतिम सांस ली। 21 अप्रैल की दोपहर डेढ़ बजे भर्ती 71 वर्षीय वृद्ध ने 22 अप्रैल की शाम 7.40 बजे, 21 अप्रैल की सुबह साढ़े नौ बजे भर्ती मऊ के दोहरीघाट निवासी 63 वर्षीय वृद्ध ने 23 अप्रैल की भोर में तीन बजे, 16 अप्रैल की सुबह 10.40 बजे भर्ती मऊ के ही घोसी निवासी 56 वर्षीय व्यक्ति ने 22 अप्रैल को दोपहर 12.30 बजे दम तोड़ दिया। वहीं बलिया के सिविल लाइन निवासी 70 वर्षीय वृद्धा को 22 अप्रैल की सुबह 8.50 बजे भर्ती किया गया जिनकी 22 अप्रैल को अपराह्न 2.10 बजे, उसी रात नौ बजे भर्ती फेफना निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति की 23 अप्रैल की भोर में तीन बजे मौत हो गई। मौत का यह आकड़ा तो सिर्फ राजकीय मेडिकल कालेज का सरकारी आकड़ा है। वास्तव में जिले में प्रतिदिन होने वाली मौत की संख्या इससे कई गुना अधिक है। होम आइसोलेशन व अन्य अस्पतालों में होने वाली मौत की कहीं कोई गिनती ही नहीं हो रही है।