सड़कों के किनारे कई जगहों पर लगे पेड़ सूखकर दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। जिससे कभी भी बड़ी घटना घट सकती है। इसके बाद भी वन विभाग इन पेड़ों का कटान नहीं कर रहा है। जिसके कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। वन विभाग द्वारा हर क्षेत्र में वन रेंजर की तैनाती की गई है। जो क्षेत्र में घूम-घूमकर पेड़ों की स्थिति का जायजा लेते रहते हैं। बरसात के मौसम में अक्सर सड़कों पर पेड़ गिरने के कारण दुर्घटनाएं होती रहती है। लगभग जनपद के हर मार्ग पर सड़क के किनारे सूखे पेड़ मौजूद हैं। इन पेड़ों को टवाने की मांग वन विभाग से लगातार की जा रही है। लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। अहरौला : क्षेत्र में सड़कों के किनारे सूखे पेड़ पूरी तरह से खोखले हो चले हैं। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसा ही बूढ़नपुर से अहरौला होते हुए अंबारी दीदारगंज जाने वाले मार्ग पर तमाम पेड़ सूखे हैं। पखनपुर गांव के पास सड़क किनारे स्थित आम का पेड़ सूख गया है। अहरौला कप्तानगंज पर भी सड़कों के किनारे कई पेड़ सूखे हैं। पवई - कलान मार्ग पर खड़े सूखे महुआ के पेड़ को देखकर राहगीर सहमे रहते हैं। शाह मर्दानपुर गांव में से होकर गुजरने वाले मार्ग पर सड़क के बगल में ही लगा महुआ का विशाल पेड़ कई वर्ष से सूखा पड़ा है। जिसकी टहनियां तेज हवा के चलने पर अक्सर टूट कर गिर जाती है। टहनियां टूटकर गिरने से अब तक कई राहगीरों को हल्की चोटें भी आ चुकी है। कब कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए इसकी शंका में लोग डरे सहमे रहते हैं। जर्जर सूखा पेड़ काटने के लिए ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग से मांग की पर जिम्मेदार मौन साधे बैठे हुए हैं। डीएफओ गंगादत्त मिश्रा ने बताया कि वन विभाग द्वारा जिले में 650 सूखे पेड़ों को चिह्नित किया गया है। इनकी कटान के लिए छपान का कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही इन्हें काट कर हटा दिया जाएगा।