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श्रद्धा और उल्लास साथ मनाया गया प्रबोधिनी एकादशी का पर्व

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शहर के फराश टोला में एकादशी पूजा के लिए गन्ने की खरिदारी करते लोग। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। प्रबोधिनी एकादशी का पर्व बुधवार को पूरे जनपद में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान बहुत से लोगों ने एकादशी का व्रत रखा और शाम को गन्ने को चूस कर उसका लुत्फ उठाया। कहा जाता है कि आज के बाद से ही गन्ने को चूसा जाता है। मेजवां प्रतिनिधि के अनुसार नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में प्रबोधिनी एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बुधवार को लोगों ने पूरे दिन व्रत रखा। शाम को गन्ने का रसास्वादन किया। पूरे दिन बाजार में सड़कों पर गन्ना, सिंघाड़ा और गन्ना की दुकानों पर खरीदारी को भीड़ रही। शाम को पूजन-अर्चन के बाद घरों में दीप जलाए गए और बच्चों ने जमकर आतिशबाजी भी की। व्रती लोगों ने गंजी, सिंघाड़े को आहार के रूप में ग्रहण किया। शाम होते ही क्षेत्र का नागा बाबा पोखरा दीपों से जगमगा उठा। यहां परमहंस बाबा ट्रस्ट द्वारा रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाली बालिकाओं को चंदन गुप्ता द्वारा उपहार देकर पुरस्कृत किया गया। अहरौला प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार को हिंदू धर्म में सर्वश्रेष्ठ व्रत मानी जाने वाली एकादशी पर लोगों ने जहां व्रत रखकर गंजी और सिंघाड़े का फलाहार किया। वहीं शाम को गन्ने के नेवान का भी मुहूर्त थे। बाजारों में समय निकाल कर ङाक्टर,व्यवसायी आदि लोगों ने बाजार में गन्ने की खरीदारी की और उसे चूसकर उसका स्वाद लिया। इस दौरान गंजी, सिंघाड़ा और गन्ने की खूब बिक्री हुई।
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