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Azamgarh News: करोड़ों खर्च बने स्टेशन, ठहरती नहीं बसें

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ज्ञानपुर। जिले में रोडवेज बस स्टेशनों की हालत ठीक नहीं है। ज्ञानपुर मुख्यालय और भदोही में करोड़ों की लागत से बने बस स्टेशन बनाए गए हैं लेकिन वहां कोई बस आती ही नहीं है। अधिकाशं बस चालक सड़क से ही सवारी लेकर निकल जाते हैं। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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काशी और प्रयाग के मध्य स्थित भदोही जिले के एक छोर पर हाईवे तो दूसरे छोर पर भदोही-बाबतपुर, ज्ञानपुर-दुर्गागंज मार्ग है। सरकार की तरफ से तीनों विधानसभाओं में एक-एक रोडवेज स्टेशन बनाए गए हैं, लेकिन गिने-चुने रूट के बसों का ही ठहराव होता है। इसका असर आम आदमी से लेकर कालीन निर्यात पर भी पड़ता है। बता दें कि भदोही जनपद के कई ऐसे कस्बे हैं, जो हाईवे से लगे हुए हैं। बाबूसराय, महाराजगंज, औराई, गोपीगंज, समेत कई ऐसे कस्बे हैं, जहां रोडवेज स्टैंड के नाम पर सरकारी बस के ड्राइवर मनचाही नाश्तों की दुकान के सामने बस लगा देते हैं। लोगों की मानें तो वहां बस लगाने पर ड्राइवर और कंडक्टर को मुफ्त में नाश्ता, भोजन आदि मिल जाता है। इन खस्ताहाल बसों में जो कंडक्टर होते हैं वह भी मानक के विपरीत सवारी बैठाते हैं। जिला मुख्यालय पर परिवहन व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ज्ञानपुर के दुर्गागंज तिराहे पर 2008 में पांच करोड़ की लागत से रोडवेज डिपो बनाया गया। लोकार्पण के समय लगभग डेढ़ दर्जन बसें उपलब्ध कराकर वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, प्रतापगढ़, जौनपुर, सीतामढ़ी, भदरांव, धनतुलसी, सुरियावां, भदोही वाया दुर्गागंज का रुट तय किया गया था। इसके कुछ ही दिन बाद एक-एक कर सभी बसें यहां से कहां चली गई, किसी को कुछ नहीं पता। भदोही के जमुनीपुर बाईपास मार्ग पर 31 दिसंबर 2020 को राजकीय बस डिपो का लोकार्पण किया। सभी को उम्मीद बंध गई थी कि अब भदोही और वाराणसी के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा, लेकिन लोकार्पण के तीन साल बाद भी अब तक न तो भदोही डिपो को अपनी बसें मिल पाईं, न ही भदोही और वाराणसी के बीच रोडवेज बसें संचालित हुईं। फिलहाल कानपुर और वाराणसी के बीच आने-जाने वाली बसों को वाया भदोही चलाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य नगरों के आवागमन के लिए किसी बस का संचालन नहीं हो पा रहा है।
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प्रयागराज रूट के बसों का होता है ठहराव

औराई। दो प्रांतों को जोड़ने वाले औराई चौराहे के समीप करीब ढाई करोड़ की लागत से रोडवेज डिपो का दो साल पूर्व जीर्णेाद्धार कराया गया। यहां पर प्रयागराज से वाराणसी जाने वाली बसों का ही ठहराव होता है। मिर्जापुर, जौनपुर या वाराणसी से प्रयागराज जाने वाली बसें सिक्सलेन से ही गुजर जाती हैं। इससे आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाता।
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