आजमगढ़। जिले में इस बार फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या 28234 पर पहुंच चुकी है। पोर्टल पर इंट्री की प्रक्रिया अभी 11 सितंबर तक चलेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि किसानों की संख्या और बढ़ सकती है। विभाग अनुसार, इसमें सबसे ज्यादा किसानों की संख्या सगड़ी तहसील क्षेत्र की है।
दैवीय आपदा से फसल नुकसान पर किसानों को क्षतिपूर्ति दिए जाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से किसानों के फसल का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया जाता है। ताकि किसानों को फसल का नुकसान होने पर उचित मुआवजा दिया जाय। इसके तहत ऋणी और नॉन ऋणी किसानों का बीमा होता है। ऋणी यानी केसीसी वाले किसानों का बीमा स्वयं बैंक द्वारा होता है। इसमें बैंक ही किसानों के खाते से प्रीमियम की धनराशि काटकर इश्योरेंस कंपनी को भेजती है जबकि नॉन ऋणी किसानों को फसल का बीमा स्वयं जनसेवा केंद्रों पर जाकर कराना होता है। इस बार 31 जुलाई तक फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि थी। लेकिन शासन की तरफ से इसे बढ़ाकर 30 अगस्त कर दिया गया था। फसल बीमा की समय सीमा बढ़ने और विभाग की सक्रियता के कारण पोर्टल पर 28234 किसानों की इंट्री हो चुकी है। जबकि पिछले चार सालों में देखा जाए तो 14 हजार के आसपास ही किसान बीमा कराते थे। अभी इंट्री का काम चल रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि किसानों की संख्या और बढ़ सकती है।
फसल बीमा को लेकर इस बार किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। सरकार की तरफ से भी ऋणी और नॉन ऋणी किसानों को सफल बीमा कराने के लिए समय बढ़ाया गया। अब बैंक कर्मचारियों के ऊपर है कि वह कितनी जल्दी किसानों के खाते से प्रीमियम की धनराशि काटकर इंश्योरेंस कंपनी को भेजते हैं। - सोहित यादव, जिला समन्वयक फसल बीमा।