जहरीली शराब कांड मामले में मुख्य आरोपी मुलायम की गिरफ्तारी होने के बाद आजमगढ़ सहित आसपास के कई जिलों में उन पुलिसवाले और नेताओं की धड़कनें बढ़ गई हैं जो उसके व्यवसाय का भागीदार हैं। ये मुलायम को मदद और संरक्षण भी देते थे। सीएम के निर्देश पर पुलिस मुलायम की कॉल डिटेल खंगाल रही है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक 30 मौतों से प्रदेश की राजनीति भी गरम है। विपक्षी दलों के विधान सभा में इसपर सवाल उठाने पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी इसे गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई और अवैध शराब का कारोबार प्रदेश से समाप्त करने का निर्देश दिया है। आजमगढ़ जिले में पुलिस का यह अभियान विशेष है।
क्योंकि यहां 4 वर्ष पूर्व 2013 में भी जहरीली शराब पीने से मुबारकपुर क्षेत्र में 53 लोगों की मौत हुई थी। लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ। शुक्रवार की शाम पुलिस ने जीयनपुर कस्बे से आजमगढ़ सहित आसपास के जिलों में अवैध शराब का कारोबार करने वाले मुख्य आरोपी मुलायम यादव उर्फ सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उससे हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि उसके संपर्क में आजमगढ़ सहित आसपास के जिलों के कई सिपाही और दरोगा के साथ-साथ नेता भी हैं, जो ना केवल उसके काली कमाई का हिस्सा लेते थे बल्कि जरूरत पडने पर उसकी मदद और संरक्षण देते थे। पुलिस ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए मुलायम यादव और उसके साथी के फोन का काल डिटेल खंगाल रही है।
मुलायम यादव उर्फ सुरेंद्र और उसके साथी के संपर्क में कई पुलिस और नेताओं के नाम की जानकारी हुई है। उनकी पहचान के लिए आरोपी के फोन का डिटेल खंगाला जा रहा है। यदि संपर्क में पुलिस वाले पाए गए तो उनके विरुद्ध केस दर्ज कराने के साथ-साथ बर्खास्तगी के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - अजय कुमार साहनी, एसपी, आजमगढ़