जिलाधिकारी और विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर शिक्षा विभाग के तीन लिपिकों का निलंबित कर दिया गया है। इसमें एक लिपिक शिक्षकों के समायोजन और ट्रांसफर के मामले में दोषी पाए गए थे। प्रधानाचार्य की शिकायत पर जिलाधिकारी ने इसकी जांच कराई। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में परीक्षा प्रभारी रहे लिपिक और राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनैला के लिपिक द्वारा प्राइवेट छात्रों के फार्म भरने में की गई अनियमितता में दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया है।
बताते चलें कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक विधिचंद यादव पर शिक्षकों के समायोजन और ट्रांसफार्मर में अनियमितता बरतने का आरोप है। तहबर के प्रधानाध्यापक उमेश चंद्र राय ने 20 सितंबर 2016 और 17 सितंबर 2016 को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने 168 शिक्षकों का गलत तरीके से स्थानांतरण करने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए सीडीओ को प्रकरण सौंपा। तीन सदस्यीय जांच टीम में जिला समाज कल्याण अधिकारी, एसडीएम सदर और एडीबेसिक को शामिल किया। जांच में टीम ने 78 शिक्षकों का स्थानांतरण गलत तरीके से हुआ पाया।
जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सचिव बेसिक को पत्र भेजा और इसकी प्रतिलिपि एडीबेसिक को भेजी लेकिन इसके बाद मामला ठंडा हो गया। मंडलायुक्त ने 15 अप्रैल को एडी बेसिक को पत्र जारी किया और कार्रवाई की जानकारी मांगी। इस पत्र के बाद शुक्रवार को जेडी ने बीएसए कार्यालय के लिपिक विधिचंद यादव को निलंबित करते हुए राजकीय इंटर कालेज जोकहरा से अटैच कर दिया। वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात लिपिक उमाकांत यादव के खिलाफ यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान अनियमितता का मामला सामने आया था। जिसमें राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनैला के लिपिक विनोद पांडेय का नाम भी सामने आया।
यूपी बोर्ड की परीक्षा में जब सचल दल प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक एक विद्यालय में जांच के लिए पहुंचे तो उन्होंने राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनैला की दो तरह की मोहर प्राइवेट परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र पर लगी हुई पाई। उन्होंने जब प्रधानाचार्य से संपर्क किया तो पता चला कि उनके यहां से दो मोहर नहीं लगाई गई। 15 परीक्षार्थियों केे रेस्टीकेट कर दिया। विभागीय जांच करने का निर्देश दिया।
जब राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनैला के लिपिक विनोद पांडेय से संपर्क किया गया तो पता चला किया यह कार्य जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात लिपिक उमाकांत यादव के कहने पर किया गया है। जांच के बाद इसकी रिपोर्ट जेडी को सौंपी गई। जेडी ने शुक्रवार को लिपिक उमाकांत यादव को निलंबित कर डीआईओएस कार्यालय मऊ और लिपिक विनोद पांडेय को निलंबित कर कटघर लालंगज से अटैच कर दिया।