आजमगढ़। एटीएम कार्ड बदलकर ठगी और दूसरों के खाते से इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन खरीदारी कर रुपये उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को मंगलवार की दोपहर पुलिस ने ज्योति निकेतन के पास से गिरफ्तार कर लिया।
ये तीनों ऑनलाइन आर्डर किया गया सामान लेने आए थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 80 हजार रुपये, लैपटॉप, मोबाइल आदि बरामद हुआ। आरोपियों ने बताया कि एटीएम के पास खड़े होकर लोगों के गुप्त कोड और कार्ड नंबर की जानकारी लेने के बाद घटना को अंजाम देते थे।
एसपी अजय कुमार साहनी ने मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकारों को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में नितिन कुमार मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाने के अन्नूपार गांव, इसी थाने के ढाड़ चौहार गांव निवासी राकेश चौहान और भगवानपुर गांव निवासी घनश्याम मौर्य शामिल हैं।
जिले में इन दिनों बेतहाशा बढ़ गई साइबर क्राइम की घटनाओं के खुलासे के लिए कोतवाली पुलिस, स्वाट टीम और साइबर सेल को लगाया गया था। मंगलवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह और स्वाट टीम प्रभारी अश्वनी पांडेय ने अपनी टीम के साथ शहर के बदरका बंधे के पास स्थित एक प्राइवेट कूरियर कंपनी के दफ्तर से इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
यह वे लोग ऑनलाइन मंगाए गए सामान लेने आए थे। इनके पास से करीब 80 हजार रुपये, सात कंप्यूटर डेस्कटॉप समेत, सात लैपटॉप, दो प्रिंटर, एक फिंगर प्रिंट स्कैनर, पेन ड्राइव, चार मोबाइल और 41 फर्जी नाम के आधार कार्ड बरामद हुए।
पूछताछ के दौरान इन लोगों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। बताया कि देखने और सहायता के बहाने एटीएम कार्ड बदल लेते थे। साथ ही पीछे खड़े होकर कार्ड नंबर और गुप्त कोड की जानकारी कर लेते थे। इसके बाद फर्जी आईडी कार्ड के आधार पर सामान की डिलेवरी ले लेते थे और इसे औने-पौने दाम पर बेच देते थे। इनके साथ गिरोह में शामिल चार और सदस्यों के नाम और पते की जानकारी हुई है। उनकी तलाश की जा रही है।
दिल्ली, मुंबई, नोएडा में भी एजेंट, टीमें रवाना
आजमगढ़। खातों से रुपये उड़ाने वाले गिरोह के एजेंट दिल्ली, मुंबई और नोएडा में भी फैले हुए हैं। इनके तार फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह से भी जुड़ने के संकेत मिले हैं। पुलिस टीम इनके रिकार्ड खंगाल रही है। संवेदनशीलता को देखते हुए खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है।
एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि मंगलवार की दोपहर शहर के बदरका बंधे के पास से गिरफ्तार साइबर क्राइम गिरोह के सदस्यों के पास से भारी मात्रा में आधार कार्ड बरामद हुआ है। संभवत: इनके यहां या इनमें से किसी के परिचित के यहां कभी इनके यहां भी आधार कार्ड बनाने की एजेंसी रही है।
इनके यहां बने आधार कार्ड शक के दायरे में हैं। तह तक जाने के लिए क्राइम ब्रांच और शहर कोतवाली की टीमें लगाई गई हैं। इनके एजेंट दिल्ली, मुंबई, गुड़गांव, नोएडा आदि शहरों में फैले हुए हैं। वहां की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।
गिरोह के पकड़े जाने के बाद एसटीएफ की टीम ने भी सतर्क होकर जांच शुरू कर दी है। अभी सितंबर के पहले सप्ताह में एसटीएफ लखनऊ ने जिस फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। उसमें से एक गुड्डू प्रजापति अहरौला थाना क्षेत्र का रहने वाला था।
सामान लेने में करते थे आधार कार्ड का प्रयोग
खातों से रुपये उड़ाने वाले गिरोह के गिरफ्तार तीन सदस्यों से हुई पूछताछ में पता चला कि इनके पास एक सरकारी संस्था की एजेंसी है। इसमें लोगों की ओर से रजिस्ट्रेशन के समय लगाए गए आधार कार्ड को स्कैन कर लेते थे।
उक्त कार्ड पर दूसरे की फोटो लगाकर रंगीन प्रिंट निकाल लेते थे। इस फर्जी नाम वाले आधार कार्ड का प्रयोग आनलाइन बुकिंग के सामान लेने में प्रयोग करते थे।
बैंक अधिकारी बनकर करते थे फर्जीवाड़ा
आजमगढ़। साइबर क्राइम गिरोह के पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि इनके गिरोह के कुछ सदस्य बैंक अधिकारी बनकर फोन करते थे और एटीएम कार्ड का नंबर और दोबारा एक्टीवेट करने के लिए गुप्त कोड जानकर खाते से खरीदारी कर लेते थे।
कुछ सदस्य एटीएम के अंदर और बाहर रहकर गुप्त कोड की जानकारी के बाद कार्ड बदल लेते थे। उसके जरिए भी पैसा निकाल लेते थे ।
पांच सावधानियां बरतें एटीएम यूजर
आजमगढ़। एलडीएम मनोज कुुमार ने बताया कि सबसे पहले एटीएम पर चिपकी सफेद पट्टी पर अपना नाम लिखें। ताकि अगर एटीएम बदल जाए तो उसका पता लगा सकें। दूसरा जब भी एटीएम कोड डालें हाथ से ढ़ककर डालें।
तीसरा इस बात का ध्यान रखें कि कोई आपके पीछे न खड़ा हो। चौथा हरी बत्ती जलती और बुझती मिलने पर ही एटीएम का प्रयोग करें और ट्रांजेक्शन करने के बाद कैंसिल बटन जरूर दबाएं। पांचवां किसी को भी एटीएम नंबर, एटीएम कोड, सीवीवी नंबर न बताएं। इन सावधानियों को बरतकर अपने एटीएम को सुरक्षित रख सकते हैं।