फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठगी के तीन आरोपी गिरफ्तार

Fri, 22 Jul 2016 12:12 AM IST
आजमगढ
विज्ञापन
ठगी के तीन आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में साइबर क्राइम के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने बिहार के बेगुसराय से गिरफ्तार किया है। ये सभी फेंक आईडी पर सिमकार्ड लेते थे और उसके जरिए लोगों को फोन कर एटीएम कार्ड नंबर और गुप्त कोड पूछकर खाते से रुपये उड़ा देते थे। 
विज्ञापन

गुरुवार को इसका खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने बताया कि इनके गिरोह में कई बैंक अधिकारी भी शामिल हैं जिनकी पहचान की जा रही है। गिरफ्तार तीनों ठगों को प्रतिदिन एक से दो लाख रुपये की आमदनी होती थी। काफी दिनों से सक्रिय इन तीनों ने करोड़ों रुपये की संपत्ति भी अर्जित की है। 

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों में अभिनव कुमार, अविनाश कुमार पुत्रगण शिवकुमार सिंह बिहार के बेगुसराय जिले के बरौनी (रिफाईनरी) थाना क्षेत्र के महना निवासी है। तीसरा सदस्य इसी थाना क्षेत्र के कस्बा तेरह पाई टोला निवासी विकास कुमार पुत्र रोमशंकर सिंह है। 
विज्ञापन


अतरौलिया थाने पर तैनात सिपाही अश्वनी कुमार मिश्रा को फोन कर जालसाज उसके एटीएम नंबर और गुप्त कोड की जानकारी ली और चार दिनों के भीतर खाते से ढाई लाख रुपये उड़ा दिए। घटना के संबंध में सिपाही ने अतरौलिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच एसआई जितेंद्र बहादुर सिंह और साइबर सेल के कांस्टेबल मनीष सिंह को सौंपी गई। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने यह पता लगा लिया कि फोन कहां से और किसने किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआई जितेंद्र बहादुर सिंह, आरक्षी मनीष सिंह और बृजेश सिंह को बिहार प्रदेश के बेगुसराय भेजा गया।

19 जुलाई को पुलिस टीम एसएचओ बरौनी (रिफाईनरी) के साथ इनके घर छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। इनके पास से बरामद हुए एक दर्जन से अधिक इनके बैंक एकाउंट को सीज करा दिया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। 

ऐसे देते थे घटनाओं को अंजाम
गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि अन्य प्रदेशों से फेंक आईडी पर कई सिमकार्ड लेते हैं। अपने आप को बैंक मैनेजर आदि बताकर धोखे से एटीएम कार्ड नंबर और पासवर्ड  प्राप्त करते थे। इसके बाद इंटरनेट के जरिए आनलाइन पेमेंट गेटवे (मोबिकविक, पेटीएम, आक्सीजन आदि) के माध्यम से पैसा दूसरे खाते में ट्रांसफर कराना, शापिंग एवं मोबाइल, टीवी ऱिचार्ज आदि करते थे।

गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने बताया कि इनका चौथा साथी लखन मंडल को कई बैंक खाते से पैसा ट्रांसफर करने के लिए देता है। इसके बाद यह सभी आनलाइन पेमेंट गेटवे की यूजर आईडी एवं पासवर्ड बताता था. जिसके जरिए यह सभी मोबाइल रिचार्ज, टीवी रिचार्ज और आनलाइन शापिंग का काम करते थे। विकास कुमार मोबाइल की दूकान खोले हुए है जबकि अविनाश कुमार नगर निगम में ठेकेदारी करता है। लोगों को झांसा देकर उनके खाते से रुपये उड़ाकर इन सभी ने अब तक  करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली है। प्रत्येक के पास दो से तीन लग्जरी कारें हैं।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें