सीओ सिटी के हमराही को गोली मारने वाले बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने वाले 12 पुलिसकर्मियों को मानवाधिकार आयोग की जांच में दोषी पाया गया है। जांच मऊ के एसपी ग्रामीण एसके सिंह ने की थी। मानवाधिकार आयोग के आदेश पर डीआईजी और एसपी आजमगढ़ ने सभी को बैड इंट्री दी है। इसमें दो इंस्पेक्टर, चार सब इंस्पेक्टर और छह सिपाही शामिल हैं।
जांच में तत्कालीन सीओ और वर्तमान में एसपी संत करीब नगर शैलेश पांडेय को निर्दोष पाए जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
18 सितंबर 2013 को तत्कालीन सीओ सिटी शैलेश कुमार पांडेय अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। पालीटेक्निक कॉलेज के पास बाइक पर सवार युवकों को सीओ ने रोका तो बाइक सवार भागने लगे। इस पर वाहन में मौजूद सीओ के हमराही रजनीश सिंह ने उन्हें दौड़ा लिया, तो बदमाशों ने उसे गोली मार दी। रात को हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। नौ मार्च 2013 को पुलिस ने वैभव यादव उर्फ छोटू नामक को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया।
इसमें तत्कालीन थानाध्यक्ष आरपी यादव की अहम भूमिका थी। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने निजामाबाद थाने के भदुली पुल के पास से उसके दूसरे साथी सचिन पांडेय को पकड़ा। बताते चले कि सचिन ने फायरिंग कर भागने की कोशिश की पैर में पुलिस की गोली लगने से वह गिरफ्तार हो गया। तब से दोनों बदमाश जेल में हैं। पकड़े गए बदमाश सचिन के घरवालों ने सीओ सिटी सहित 13 पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया कि पुलिस ने सचिन को पकड़ने के बाद उसके पैर में गोली मारी। उन लोगों ने मानवाधिकार आयोग से गुहार लगाई।
आयोग की ओर से जांच एसपी ग्रामीण मऊ एसके सिंह ने की। जांच में एसपी संत कबीर नगर शैलेश कुमार पांडेय को बरी कर दिया जबकि अन्य 12 पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया गया है। इसमें शहर कोतवाल मो. ईसा खां, बांदा में तैनात निरीक्षक आशीष मिश्रा, क्राइम ब्रांच में तैनात उपनिरीक्षक आरपी यादव, एसओ गंभीरपुर अवशेषनाथ सिंह, एसओ रानी की सराय बीबी सिंह, बाराबंकी में तैनात दरोगा रत्नेश सिंह के अलावा छह सिपाहियों को प्रतिकूल टिप्पणी दी गई हैं। अपराधी को पकड़नेवाले दल पर कार्रवाई से महकमे में निराशा है।
कई चक्र में हुई जांच - यह प्रकरण शुरू से विवादों के घेरे में आ गया था। सबसे पहले घटना के विवेचक इंस्पेक्टर परमानंद द्विवेदी ने मुठभेड़ को सही ठहराया था। दूसरी जांच वर्तमान सीओ सिटी केके सरोज ने की इसमें भी सभी को क्लीन चिट मिली थी। सीओ मुहम्मदाबाद आरके विद्यार्थी द्वारा की गई तीसरी जांच में भी परिणाम वही रहा। पर बाद में मानवाधिकार के आदेश पर एएसपी मऊ ने मामले की जांच की जिसमें 12 पुलिस कर्मियों को दोषी पाया गया।
अब सिर्फ दो ही रोटी खा पाता है हमराही - 18 सितंबर 2013 की रात बदमाशों की गोली से घायल सीओ के हमराही रजनीश सिंह उपचार के बाद ठीक तो हो गया लेकिन आज भी उसकी हालत बहुत अच्छी नहीं है। उसके पेट में हल्का दर्द रहती है। डाक्टरों की सलाह पर वह एक बार में मात्र दो रोटी से ज्यादा नहीं खा सकता। उसे 24 घंटे में तीन बार में छह रोटी खाने की हिदायत दी गई है।
सचिन पर हैं डेढ़ दर्जन मुकदमे - निजामाबाद थाना क्षेत्र का सचिन पांडेय पुलिस के रिकार्ड में गैंग का लीडर है। उसके गिरोह में छह सदस्य शामिल हैं। सचिन के नाम आजमगढ़ के अलावा अन्य जिलों में लूट, हत्या, अपहरण आदि के डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूर्वांचल के टाप शूटरों में इसका नाम शामिल है। जबकि वैभव यादव बाइक चलाने में माहिर है।