नगर पालिका परिषद आजमगढ़ की चेयरमैन इंदिरा जायसवाल के मुनीम से लूट का असफल प्रयास करने वाला उनका ही नौकर था। वह अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक वर्ष से इस घटना का प्लान रच रहा था। पुलिस शनिवार को घटना में शामिल इन तीनों बदमाशों को शहर के भोलाघाट से गिरफ्तार कर ली। इनके पास से घटना में प्रयुक्त तमंचा और कारतूस भी बरामद कर लिया गया। इसका खुलासा शनिवार को पुलिस लाइन परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी नगर विनोद कुमार ने किया।
उन्होंने बताया कि नपा अध्यक्ष इंदिरा जायसवाल के पति प्रह्लाद जायसवाल जिले के तेल, घी, चावल के बड़े आढ़ती हैं। रमेश चंद्र मालवीय उनके यहां मुनीम का काम करते हैं। रमेश ही प्रतिदिन बैंक में रुपया जमा कराता है। इनके यहां शहर के गुरुटोला मुहल्ला निवासी आफताब अहमद काफी दिनों से नौकर है। उसको घर से लेकर धंधे तक की सारी जानकारी है।
19 अगस्त को आफताब अहमद शहर के कुर्मीटोला मुहल्ला निवासी अर्जुन सोनकर और डीएवी कालेज के पास स्थित कांशीराम आवास कालोनी निवासी सचिन गोंड़ के साथ मिलकर शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके चौक के पास खड़ा हो गया। घटना के दिन सुबह 11 बजे मुनीम साढ़े पांच लाख रुपये लेकर साइकल से बैंक के लिए चला। जैसे ही वह चौक पर पहुंचा कि यह तीनों उसकी साइकल रोकवाना चाहे, लेकिन रमेश साइकल नहीं रोका। लोगों ने दौड़ाकर उसे गोली मारी, जो उसके कान को छुते हुए निकल गई।
रमेश चंद्र मालवीय इसके बाद भी रुपये लेकर भाग गया और उसे बैंक में जमा करवा दिया। एएसपी नगर ने बताया कि घटना के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई। पूछताछ में पता चला कि आफताब घटना से तीन दिन पहले ही छुट्टी ले लिया था। सीसीटीवी फुटेज में उसकी तस्वीर और मुनीम द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर पुलिस उसकी तलाश में जुटी। शहर कोतवाल राजीव प्रताप सिंह ने सुबह मुखबिर की सूचना पर भोलाघाट से तीनों को गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त तमंचा और कारतूस भी बरामद किया हुआ।